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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल में कैरिज एवं वैगन बी. एम. वाई. के ब्रेकडाउन यूनिट में 140 टन ब्रेक डाउन रेल क्रेन की दुर्घटना राहत में महत्वपूर्ण भूमिका

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रायपुर-16 मार्च,2021/ जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज

            दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल में कैरिज एवम वैगन बी एम वाई के ब्रेकडाउन  यूनिट में 140  टन ब्रेक डाउन रेल क्रेन  दुर्घटना राहत  ट्रेन का अभिन्न अंग है  रेलवे   लाईन में  अद्भुत कार्य  करने की क्षमता इसकी  विशेषता है रेलवे में आधुनिकीकरन  के दौर  में दुर्घटना में छतिग्रस्त भारी मॉल वाहक वैगन, भारी इंजनो को ट्रैक से हटाने में सक्षम व्  दुर्घटना स्थल पर शीघ्र गति से पहुचने की  आवश्यकता अनुसार एवं सिमित क्षमता वाले पुराने डीजल  क्रेन के  विकल्प के रूप में सन 1994 में देश  में निर्मित एक आधुनिक  डीजल हाइड्रोलिक  140 टन  रेल क्रेन  को भिलाई  के  दुर्घटना राहत ट्रैन में शामिल किया गया ।
         140 टन  क्रेन रेल इंजन कारखाना जमालपुर  द्वारा निर्मत देश का पहला  (किट) क्रेन है। इसके निर्माण में उपयोग  लोहे के प्लेट भिलाई  में निर्मित है । भिलाई में ब्रेक डाउन का भाप इंजन से चलने वाले क्रेन के समय से गौरव शैली इतिहास है। जिसे सन 2011 से भिलाई मार्शल्लिंग यार्ड के नवनिर्मित डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रिड में स्थापित किया गया । डिजास्टर मेनेजमेन्ट ग्रिड बी ऍम वाई में वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियन्ता (समन्वय) रायपुर श्री एस के सेनापति के मार्गदर्शन में 140 टन क्रेन, दुर्घटना राहत ट्रैन के रख रखाव व् त्रुटिरहित परिचालन के लिए श्री डी एस ध्रुव  एसएसई (ब्रेक डाउन) व कार्यकुशल में दक्ष विशेष रेल कर्मियों द्वारा किया जाता है। किसी भी परिस्तिथि में आदेश प्राप्त होते ही डी एम ग्रिड साइडिंग से क्रेन दोनों दिशा में चलने को हमेशा तैयार रहता है। यह  दुर्घटना राहत रेल क्रेन भारी होने के साथ 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दुर्घटना स्थल की ओर रवाना किया जा सकता है दुर्घटना राहत  ट्रेन में नामित कर्मचारी व् क्रेन कर्मी दल के रेल कर्मी 24 घण्टे किसी भी विशेष परिस्तिथि में तुरन्त अपनी सेवाएं देने के लिए उपलब्ध रहते है रेलकर्मी सायरन के कोड अनुसार निर्धारित समय में उपस्थित हो जाते हैं ।
        140 टन हाइड्रोलिक  ब्रेकडाउन क्रेन के दुर्घटना राहत ट्रैन में शामिल होने के बाद से राहत मरमत व् वापसी के कार्य में सार्थक तेजी आई है। बड़ी ट्रैन दूर्घटना में जल्द से जल्द  घटना स्थल पर पहुचने से मरमत व् वापसी के कार्य में गतिशीलता आती है जिससे बचाव व् राहत कार्य में लगने वाले  समय में महत्त्वपूर्ण कमी हुई है, जिससे रेल ट्रैफिक परिचालन को कम से कम समय में पुर्नस्थापित कर महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है पिछले 25 वर्षों से अनवरत सेवा दे रहे इस क्रेन ने निर्धारित अपनी सीमा ( दाधापारा से डोंगरगढ़ और लाखोली ) के मध्य व् पड़ोसी मंडलो में विपरीत परिस्थियों में (आवश्यकतानुसार) दुर्घटना राहत में अभूतपूर्व कार्य किया है ।
    दुर्घटना राहत के अलावा ब्रेकडाउन क्रेन का उपयोग जनकल्याणकारी सुविधाओं के निर्माण कार्य में भी किया जाता है जैसे करोना काल में मंदिर हसौद की  फुट वोहर ब्रिज  की लांचिंग व् रायपुर मंडल के अलग अलग खण्डों में 5 स्थानों पर वे ब्रिज स्लैब की स्थाप, 12 नग पुराने  डीजल इंजन की ग्राउंडिंग प्रमुख कार्य  है।

इसी तरह पिछले 10 वर्षों में रायपुर मंडल एवं दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर 37 फुट वोहर ब्रिज /लेटिस की स्थापना (लांचिंग) किया गया ।

मरोदा दल्ली – राजहरा सेक्शन के अंर्तगत इंजिनयरिंग विभाग के साथ तीन स्थानों पर लिमिटेड हाइट सबवे निर्माण में सब वे बॉक्स को स्थापित करना।

इंजीनियरिंग विभाग के 29 से ज्यादा ब्रिज के आयरन गर्डर को स्लैब से बदलने का कार्य किया गया गया है।

             इस तरह से 140 टन ब्रेक डाउन क्रेन दुर्घटना राहत में कार्यकरने के साथ साथ आवश्यकतानुसार रेलवे स्टेशन के पैदल पुल के लेटिस को रखने में  बहुत ही महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है इसका बहुमुखी उपयोग और कार्य करने की विविधता के कारण यह रेलवे का अत्यंत आवश्यक महत्त्वपूर्ण मशीन है ।       
    हाल ही में मंडल रेल प्रबंधक श्री श्याम सुंदर गुप्ता जी के द्वारा बी. एम. वाय. निरीक्षण के दौरान 140टन क्रेन एवं राहत कार्यों में उपयोग होने वाले उपकरणों का निरिक्षण किया एवं कुशल कार्य तथा रख-रखाव के लिए यांत्रिक विभाग की प्रशंसा भी की थी ।