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12 जनजातियों को आदिवासी में जुड़ने के लिए

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 भारत के संविधान के अनुच्छेद 342 के अंतर्गत अधिसूचित अनुसूचित जनजाति की सूची में छत्तीसगढ़ राज्य के 12 जाति समुदायों को छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल करने हेतु छत्तीसगढ़ शासन रायपुर द्वारा समय-समय पर जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा भारत सरकार को प्रस्ताव प्रेषित किया गया है ।
आज भी छत्तीसगढ़ प्रदेश के 12 आदिवासी वंचित जाति समुदाय-भारिया भूमिया,धनवार,नगेशिया,सौरा सवर सवरा सेवरा,धनगड,बिंझिया, कोडाकू कोड़ाकू, कोंध कोद, भारिया भरिया, पंडो,गोंड़,गढ़बा जाति के लोग अपने अधिकारों एवं अनुसूचित जनजाति में उक्त जाति समुदाय को शामिल करने के लिए अपने अधिकारों की लड़ाई निरंतर लड़ रहे है । समय समय पर इन जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के लिए कवायद किये जाते है किंतु आज पर्यंत तक उक्त 12 आदिवासी वंचित जाति समुदायों को अनुसूचित जनजाति में शामिल नही किया गया है । जिसके कारण छत्तीसगढ़ राज्य के उक्त समुदायों के अनुमानतः 50 से 60 लाख लोग अनुसूचित जनजाति को प्राप्त होने वाले संवैधानिक अधिकार के लाभों से वंचित है साथ ही यह समुदाय शिक्षा, स्वास्थ्य, राजनीतिक अधिकारों के लाभ से वंचित हो रहे है ।
इसी तारतम्य में 12 आदिवासी वंचित समुदायों के प्रमुखों के 18 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियो द्वारा अपने समुदाय में वर्तमान समय मे अनुसूचित जनजाति में शामिल न होने पर होने वाली परेशानियों से अवगत कराया गया । 18 सदस्यों के प्रतिनिधि मंडल के द्वारा 22 जुलाई 2021 एवं 23 जुलाई 2021 को अर्जुन मुंडा केबिनेट मंत्री जनजातीय कार्य मंत्रालय से सौजन्य भेंट कर समाज की चिंता से अवगत कराया । जिस पर अर्जुन मुंडा द्वारा उन्हें आश्वासन दिया गया कि उनकी पूर्ण तैयारियां है शीघ्र ही कार्यवाही पूर्ण हो जायेगी ।
इस अवसर पर महेश गागड़ा के नेतृत्व में सांसदों के दल ने भी दबाव बनाने के साथ ही जल्द बिल पास कराने हेतु निवेदन किया गया ।
दल में प्रमुख रूप से श्रीमती रेणुका सिंह राज्य मंत्री, चुन्नीलाल साहू संसद महासमुंद, मोहन मंडावी सांसद कांकेर, श्रीमती गोमती साय जी सांसद रायगढ़ भी उपस्थित रहे । तदुपरांत संध्या काल में गुहा राम अजगले सांसद जांजगीर चाम्पा को मुलाकात कर विस्तार से विवरण प्रस्तुत किया ।
उन्होंने गंभीरता से सुना तथा सभी सांसदों के सामूहिक प्रयास से नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री तथा अमित शाह जी गृह मंत्री से मिलने हेतु सुझाव दिया ।
उनके सुझाव पर प्रतिनिधि मंडल ने छत्तीसगढ़ के समस्त सांसदो से मिलने की योजना तैयार किया गया और रेणुका सिंह से लगभग 1:30 घंटे चर्चा किया और उन्होंने सहमति दिया।
संतोष पांडे राजनांदगांव सांसद से चर्चा किया, सांसद बिलासपुर से भी चर्चा कर प्रधनमंत्री जी से मिलने की सहमति जताई । दूसरे दिन 23 जुलाई को चुन्नीलाल साहू को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी से मिलवाने आवेदन देकर पुनः चर्चा किया गया । उनके दिशा निर्देश पर पूर्व संसद सरगुजा कमल भान से राष्ट्रीय भाजपा कार्यालय में चर्चा कर आवश्यक पहल करने का निवेदन किया ।
कमलभान के सुझाव पर भाजपा जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उराँव जी से मुलाकात कर वस्तु स्थिति से अवगत करवाया तथा 9 राज्यों का बिल लंबित होने की जानकारी दिया ।
उन्होंने अगस्त में जनजाति मोर्चा का राष्ट्रीय स्तर का बैठक आयोजित होना है इस विषय पर चर्चा कर संगठन से दबाव बनाने तथा गंभीरता से पहल करने की बात कही दोपहर 1:30 बजे राम विचार नेताम से दूरभाष पर चर्चा उपरांत प्रतिनिधि मंडल ने उनके निज निवास पर जाकर विस्तार से चर्चा किया तथा समस्त सांसदो और समाज का नेतृत्व करते हुए प्रधानमंत्री जी से मिलाने का निवेदन किया ।इस अवसर पर
(1)-सवरा समाज – जयदेव जी, रोहित सिदार उचित राम सिदार, लखेश्वर श्याम हेमंत भोई, फणीन्द्र युवराज रावल, भोई,रमाकान्त पूरण सरल ,
(2)-बिंझिया समाज -अनिल सिंह,देवेन्द्र भटगांव) विंध्याराज( जांजगीर चांपा)
(3.) नगेसिया किसान समाज-विनोद कुमार नागेश(सरगुजा) सुनिल कुमार नाग(बलरामपुर)
(4)भुइँया समाज – अजित देहरी(जशपुर)
(5)- उरांव समाज -लच्छि राम ,दीपक उरांव समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे ।