बस स्टैण्ड को व्यवस्थापन एवं जनसुविधा के संबंध में।
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज
निम्न लिखित मुद्दी निचे क्रमाअनुसार स्मार्ट राजधानी का भव्य अन्तराज्यीय स्मार्ट बस स्टैण्ड का हम सभी दिल से स्वागत करते है, और यह हमारे एवं राजधानी वासियों के लिए एक स्वागत स्वरूप है। जिसकी जितनी तारीफ की जाए कम है।
1. दुकानों के व्यवस्थापन एवं निर्माण तक बस स्टैण्ड का चाल नहीं किया जाए। 2 ट्रेनेज, नल, पानी, वाटर, ATM एवं इन्टरनेट सुविधा। 3. टायर पंचर, वेल्डींग लेट, बैटरी, मैकेनिक, पेट्रोल व डीजल पंप, पुलिस चौकी। 4. महिलाओं के लिए 24 घंटे पिंक शौचालय अति आवश्यक है। 5. एक ही व्यापारी का बार-बार व्यवस्थापन एवं दोहरी आर्थिक हानि एवं नजराना
दिया जाता है। 6. बसों का संचालन दो फेस में किया जाए पहले अन्तराज्यीय बसों को जाया जाये
फिर सभी सुविधा होने पर स्थानीयबसों को की जाए जारी। 7. एन्ट्री एगजीत रोड एवं NH से जोडना एवं शहर में बसों का एन्ट्री नो एन्ट्री का
टाईम निर्धारित किया जाए ताकि देर रात एवं सुबह सवेरे बाहर से आने वाले
यात्रियों का अपने स्थान तक पहुंचने की सुविधा हो। 8. 40 वर्षों से व्यवस्थापत हो कर एक सुनसान जगह को आबाद किया और फिर
40 वर्षों बाद फिर से वही व्यवस्था दोहराई जा रही है, जिसमें पहले से व्यापारी गरीब तपकर एवं बेवा महिलाएं दुकान का संचालन घर परिवार से ही उनका व्यवसाय बसों के जाने की वजह से व्यवसाय बन्द हो जाएगा एवं परिवार को
लालन-पालन विकराल परिस्थिति का सामना करना पड़ेगा। 9. 324/- रू. प्रति वर्गफीट के हिसाब से परमानेन्ट लीज पर देने नगर निगम ने
सामान्य सभा पर पारित किया जिसकी एवज हाई कोर्ट में मामला वापस किया
गया लेकिन 324/- हमसे आज तक नहीं लिया गया। 10. मुसाफिर सवारी यात्रीगण को स्मार्ट सिटी के तर्ज पर सर्वसुविधायुक्त बस स्टैण्ड देना है ना कि तकलीफ दायक।

