केंद्र के समान महंगाई भत्ते की मांग को लेकर 29 जून किए जा रहे प्रांतव्यापी महारैली में एकजुटता के साथ सभी सम्मिलित हो–आरएन ध्रुव
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय कर्मचारियों को केन्द्र के समान महँगाई भत्ता एवं सातवें एवं अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता नहीं देने से प्रदेश के कर्मचारियों में असंतोष एवं आक्रोश व्याप्त है। शासन द्वारा शासकीय सेवकों के अधिकारों का सतत हनन किया जा रहा है।शासन द्वारा जारी किये जा रहे महंगाई भत्ता के आदेशों में एरियर्स एवं देय तिथि का स्पष्ट उल्लेख होने के कारण भ्रामक स्थिति निर्मित हो गई है।
वित्त विभाग, छत्तीसगढ़ शासन का वित्त निर्देश 18 / 2019 के द्वारा राज्य शासन के कर्मचारियों को 12% महँगाई भत्ता 1 / 1 / 2019 से केंद्र शासन के समान देय तिथि से स्वीकृत किया गया था। वित्त विभाग छत्तीसगढ़ शासन का वित्त निर्देश 24 / 2021 अनुसार राज्य शासन के कर्मचारियों को 17% महँगाई भत्ता 1/7/2021 से स्वीकृत किया गया था, जबकि केन्द्र शासन के द्वारा 17% महँगाई भत्ता 1/7 / 2019 से स्वीकृत किया जा चुका है । शासन द्वारा जारी उक्त आदेश में 1/7/2019 से 30/6 / 2020 तक एरियर्स का उल्लेख नहीं होने के कारण प्रदेश के शासकीय सेवकों को आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। फेडरेशन के प्रतिनिधियों के साथ 4 सितम्बर 2021 को इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री जी से चर्चा हो चुकी है और उन्होंने गंभीरतापूर्वक आश्वस्त किया है कि शासन इस संबंध में निर्णय लेकर यथाशीघ्र आदेश जारी करेगा, किन्तु शासन वर्तमान में अनिर्णय की स्थिति में है। इसी प्रकार वित्त विभाग छत्तीसगढ़ शासन का वित्त निर्देश 09 / 2022 के अनुसार राज्य शासन के कर्मचारियों को सातवे वेतनमान पर 22% महँगाई भत्ता 1/5 / 2022 से स्वीकृत किया गया है, जो कि केंद्र शासन द्वारा महँगाई भत्ता स्वीकृति हेतु निर्धारित तिथि के अनुसार नहीं है। छत्तीसगढ़ शासन के उक्त आदेश में 28 महीनों के एरियर्स का उल्लेख नहीं है। शासन द्वारा लगातार अधिकारियो/ कर्मचारियों के न्यायायिक अधिकारों का हनन करते हुए आर्थिक हितो पर कुठाराघात किया जा रहा है ।
अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष आर एन ध्रुव द्वारा आह्वान किया गया है कि एकजुटता के साथ आपसी वैचारिक मतभेदों को दरकिनार करते हुए कर्मचारी हित में कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक श्री कमल वर्मा जी के नेतृत्व में कर्मचारियों के लिए किये जा रहे इस व्यापक संघर्ष कलम रख-मशाल उठा” आंदोलन के तहत केन्द्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता एवं सातवें वेतनमान पर गृह भाड़ा भत्ता के लिए 29 जून 2022 को प्रत्येक जिले के कर्मचारी अधिकारी सामूहिक अवकाश लेकर काम बंद – कलम बंद हड़ताल कर जिला मुख्यालय में प्रांतव्यापी जिला स्तरीय महारैली एवं 25 जुलाई 2022 से जुलाई 2022 तक पांच दिवस का अवकाश लेकर जिला / तहसील / विकासखण्ड स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाना है. इस संघर्ष में आप अपने साथियों के साथ शामिल होकर अभूतपूर्व आंदोलन करने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का कष्ट करें ताकि हम सभी के सामूहिक संघर्ष से शासन को हमारे न्यायायिक अधिकारों को देने हेतु बाध्य होना पड़े।

