Sunday, October 18, 2026
छत्तीसगढ़ सरकार

छत्तीसगढ़ के लिए अंबाला से रवाना हुई अवैध शराब की खेप जयपुर में पकड़ी गई , ट्रक में कोविड-19 का पास लगाकर रायपुर लाया जा रहा था माल , 923 पेटी में दो ब्रांड , पंजाब की एनवी डिस्टलरी से रवाना हुआ रायपुर के तस्करों के लिए , जांच में जुटी पुलिस

Share

जयपुर वेब डेस्क / राजस्थान पुलिस ने लॉकडाउन के बावजूद शराब तस्करी का खुलासा किया है | जिस ट्रक में अवैध शराब की खेप लदी थी उसमे कोविड-19 का पास लगा था | ताकि पुलिस की आंखों में धूल झोका जा सके | लेकिन ट्रक की जब जांच की गई तो पुलिस को भारी मात्रा में अवैध शराब मिली | पुलिस के मुताबिक अम्बाला डीसी का फर्जी परमिशन लेटर पर जयपुर में शराब की तस्करी का यह मामला सामने आया है | पुलिस का मानना है कि अवैध शराब की तस्करी करते हुए पकड़े गए लोगों के तार रायपुर के तस्करों से जुड़े नजर आ रहे हैं। जयपुर की चान्दवाजी पुलिस द्वारा ट्रक में पकड़ी गई अंग्रेजी शराब की 923 पेटी में जो दो ब्रांड मिले हैं, वे पंजाब की एनवी डिस्टलरी में बनते हैं। हालांकि कंपनी के वाइस प्रेजिडेंट का कहना है कि लॉकडाउन में फैक्ट्री से कोई शराब बाहर नहीं गई है, हो सकता है माफिया ने इसमें भी फर्जीवाड़ा किया हो। जानकारी के मुताबिक जब्त की गई दोनों ब्रांड की शराब की बोतलों पर बिक्री केवल छत्तीसगढ राज्य के लिए वाला स्टिकर लगा है | 

पुलिस के मुताबिक शराब माफिया ने ट्रक में सेनिटाइजर, मेडिसन सप्लाई दिखाकर डीसी अम्बाला का एक फर्जी परमिशन लेटर तैयार किया था। इस परमिशन को एक शराब के ट्रक पर चिपकाया गया था। लेटर का क्रमांक डीआईसी/एसएमआर/कोविड-19/डीसी2020 दिनांक 30-3-2020 मैसर्ज रूद्राक्ष इंडस्ट्रीज बधौली दिखाया गया। लॉकडाउन में माल वाहक वाहनों को पुलिस नाकों पर नहीं रोके जाने के आदेश का फायदा उठाकर माफिया शराब की तस्करी कर रहे थे। चान्दवाजी पुलिस को सूचना मिली कि ट्रक में अवैध शराब की सप्लाई कर रहे हैं।

दोनों ब्रांड की एनवी डिस्टलरी की पंजाब के राजपुरा में स्थित यूनिट में बनती है। शराब की बोतलों पर फोर सेल इन छत्तीसगढ ऑनली साफ तौर पर लिखा हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक करीब 35 लाख रुपए मूल्य की इस शराब को छत्तीसगढ़ के अलग अलग जगहों पर सप्लाई किया जाना था।

उधर एके सिंह, वाइस प्रेसिडेंट, एनवी डिस्टलरी एंड ब्रेवियरर्स प्राइवेट लिमिटेड के मुताबिक  कंपनी से 22 मार्च के बाद शराब की एक बोतल भी बाहर नहीं गई। लॉकडाउन में यह मुमकिन ही नहीं है। माफिया शराब तस्करी के नए-नए तरीके अपना रहा है। कंपनी का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। उधर पुलिस जांच में जुटी है कि ट्रक पर डीसी अम्बाला की 30-3-2020 की फर्जी परमिशन चिपकाई गई थी। यह परमिशन किसने और कैसे बनाई थी।रूद्राक्ष इंडस्ट्रीज बधौली से पुणे की बिल्टी किस ट्रांसपोर्ट ने जारी की थी। छतीसगढ़ में बिकने वाली शराब राजस्थान कैसे पहुंच गई।

केस की जांच कर रहे जयपुर पुलिस के जांच अधिकारी संदीप पटवाल ने बताया कि पुलिस की भनक लगते ही ट्रक का चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया था। ट्रक हिमाचल के बद्दी-नालागढ़ के राकेश के नाम पर रजिस्टर्ड है। राजस्थान पुलिस राकेश की तलाश कर रही है लेकिन अभी तक पुलिस को उसका सही मोबाइल नंबर नहीं मिला है। जो नंबर पुलिस ने ट्रक के दस्तावेजों से ट्रेस किया है वह किसी एजेंट का है। इसी एजेंट के माध्यम से पुलिस राकेश तक पहुंचने का प्रयास करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *