ISBM University और संचालकों से मेरी जान को खतरा-संजीव अग्रवाल,आरटीआई कार्यकर्ता

रायपुर। आरटीआई कार्यकर्ता संजीव अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक रायपुर को लिखें आवेदन में कहा है कि अगर मेरी हत्या या हमला होता है तो रायपुर पुलिस व छत्तीसगढ़ शासन जवाब देह होगा। उन्होंने बताया कि आईएसबीएम यूनिवर्सिटी के संचालक विनय अग्रवाल और मैट्स यूनिवर्सिटी के संचालक गजराज पगारिया मेरी हत्या करा सकते हैं फर्जी डिग्री बनाने वालों को छत्तीसगढ़ शासन के अधिकारीयों का मौन समर्थन अगर मेरी हत्या होती हैं तो रायपुर पुलिस व छत्तीसगढ़ शासन जवाब दे होंगी। मेरे द्वारा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में दोनों यूनिवर्सिटी के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग को लेकर एक जनहित याचिका दायर की है जिस पर उच्च न्यायालय ने अंतिम अवसर दोनों यूनिवर्सिटी को उनके जवाब के लिए दिया है इसी जनहित याचिका को लेकर मेरी हत्या करा सकते है। उन्होंने बताया कि मेरे द्वारा छत्तीसगढ़ के DGP को 16/6/2021 को एक ज्ञापन दिया था और 6 अक्टूबर 2022 ज्ञापन रायपुर पुलिस अधीक्षक को भी दिया गया है। जिसमें 04/06/2021 भोपाल स्थित सर्वपल्ली राधाकृष्ण निजी विश्वविद्यालय के द्वारा डॉ. विनय जायसवाल को बिना परीक्षा दिए डीसीए फर्जी मार्कशीट उपलब्ध कराने के संबंध में विश्वविद्यालय के सभी गोरखधंधों का खुलासा किया गया था। उसी तरताम्य में आएसबीएम और मैट्स यूनिवर्सिटी में फर्जी मार्कशीट की उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल द्वारा जाँच के आदेश जारी किया गया था।
निजी विश्वविद्यालय के फर्जी मार्कशीट का खुलासा करने पर मेरी जान को खतरा हो सकता है। इसी संबंध में गंज थाना और पुलिस अधीक्षक रायपुर को ज्ञापन दिया है।
इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता संजीव अग्रवाल ने अपनी जान को खतरा बताया है।


