फ्लाई ऐश ईंट” की दरों में बढोत्तरी : पॉवर प्लांटों ने बड़ाई फ्लाई ऐश (ख) की दरें, बिक निर्माताओं को पर्याप्त राखड़ नहीं दे रहे : लोकेश शर्मा
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज
छत्तीसगढ़ फ़्लाई ऐश ब्रिक मैन्युफैक्चरर ऐसोसिएशन रायपुर के अध्यक्ष लोकेश शर्मा ने बताया की पॉवर प्लांटों द्वारा ऐश (राखंड) एवं ब्रिक का दर में बेहिसाब वृद्धि की है जिसने फ्लाई ऐश ब्रिक की दरों में बढ़ोत्तरी की है जिससे प्रति ईट लगभग 60 से 70 पैसे तक महंगी हो गयी है।
ईंटो की ट्रांसपोर्टिंग डीजल के रेट बढ़ने के कारण पहले ही प्रभावित है।
पहले पॉवर प्लांट द्वारा फ्लाई ऐश ब्रिक निर्माता के फैक्ट्री तक पलाई देश निःशुल्क पहुंच के देने का नियम था परन्तु 31.12 2022 के संसोधित राजपत्र गजट से यह नियम हटा दिया गया. ब्रिक निर्माता एक छोटा सा व्यवसाय है जिनके लिए उक्त नियम हटा दिया गया इसके विपरीत बड़े बड़े रोड निर्माण के प्रोजेक्ट (NHAI) को फ्लाई ऐश (राखड) भरने हेतु निःशुल्क पहुचा के दिया जा रहा है जिसके लिए छत्तीसगढ़ पलाई ऐश क्रिक मैन्युफैक्चरर ऐसोसिएशन ने पर्यावरण विभाग से कर मुख्यमंत्री तक को ज्ञापन दिया है परन्तु अब तक कोई समाधान नहीं निकला अतः निर्माताओं को दरों में बढ़ोत्तरी करनी पड़ रही है।
लोकेश शर्मा ने बताया की NTPC सीपत एवं CSEB कोरबा के पॉवर प्लांटो द्वारा राख का निष्पादन ठीक से नही किया जा रहा जिससे प्रदूषण बड़ रहा है, छत्तीसगढ़ पलाई एश ब्रिक मैन्युपचरर ऐसोसिएशन ने NTPC सीपत एवं CSEB कोरवा से आवेदन प्रस्तुत कर पलाई ऐश की मांग की है परन्तु उक्त दोनों पॉवर प्लांटो द्वारा भी अब तक राखड़ देने हेतु किसी प्रकार की सहमती नहीं जताई है जिसके चलते बहुत से पलाई ऐश ब्रिक के उद्योग बंद होने की कगार पर है।

