9 अगस्त (1994) UNO द्वारा घोषित विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज़
विश्व आदिवासी दिवस
जय आदिवासी
(INTERNATIONAL DAY OF THE WORLD’S INDIGENOUS PEOPLE)
राज्यस्तरीय कार्यक्रम • इंडोर स्टेडियम, बुढ़ातालाब, रायपुर (छ.ग.) संयुक्त राष्ट्र संघ गठन के 50 वर्ष बाद वर्ष 1994 में यह महसूस किया है कि 21 वीं सदी में भी विश्व के विभिन्न देशों में निवासरत जनजातीय मूल निवासी (आदिवासी) समाज अपनी उपेक्षा, गरीबी, अशिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा का अभाव, सरकार के बड़े उद्योग एवं सिंचाई बांध के कारण विस्थापन, बेरोजगारी एवं बधुवा मजदूर जैसे समस्याओं से ग्रसित है। जनजातिय समाज के उक्त समस्याओं के निराकरण हेतु विश्व के ध्यानाकर्षण के लिए वर्ष दिसंबर 1994 में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासभा द्वारा प्रतिवर्ष 9 अगस्त को “International Day of the World’s Indigenous People” “विश्व आदिवासी दिवस” मनाने का फैसला लिया गया। इसके बाद से पूरे विश्व में जैसे उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका महाद्वीप, अफ्रीका महाद्वीप तथा एशिया महाद्वीप के आदिवासी बाहुल्य देशों में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में बड़े जोर-शोर से मनाया जाता जिसमें भारत भी प्रमुखता से शामिल है।
भारत में लगभग 705 आदिवासी समुदाय है जिनकी जनसंख्या लगभग 12 करोड है। भौगोलिक दृष्टिकोण से भारत के मध्य एवं पूर्वी राज्य में अधिक अधिक संख्या में है। आदिवासी अंचलों में ही देश के प्राकृतिक एवं खनिज संसाधन भरपूर है भारत के संविधान में आदिवासियों के लिए बहुत सारे अधिकार ( अनुच्छेद 13(3)क, 14, 15 (4), 16(3) (4) 19 (5) (6), (घ) (इ) 23, 28 (2) 243 (य, ग), 244(1)5, 275 330, 332, 342, 366) दिए गए हैं। आदिवासियों के लिए पांचवी एवं छठवीं अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन और नियंत्रण उनके अनुसार किया गया । आदिवासी प्रकृति पूजक है। आज भी आदिवासी विकास के मानकों में पिछड़ा नजर आता है जल जंगल जमीन और खनिज के संरक्षण के लड़ाई के साथ अपने परंपरा और आदिवासी अस्तित्व के लिए संघर्षरत है भारत राष्ट्र के उत्थान और समग्र विकास की कल्पना आदिवासियों की सहभागिता के बगैर संभव नहीं है।
छत्तीसगढ़ में 32% आदिवासी जनसंख्या है 160% क्षेत्रफल पांचवी अनुसूची क्षेत्र में आता है पांचवी अनुसूची क्षेत्र में ही लोहा, कोयला, टीन, बॉक्साइट, जैसे अनेको खनिज भंडार है। बनोपज भी पर्याप्त है। 2001 नया राज्य गठन के बाद से आदिवासी समाज अपने संवैधानिक अधिकार के लिए संघर्षरत है। अपने अधिकार और प्रताड़ना के निराकरण के लिए शासन प्रशासन को लगातार आवेदन निवेदन के बाद धरना प्रदर्शन घेराव उपरांत भी शासन प्रशासन उदासीन है। पेसा एक्ट नियम 32% आरक्षण, पांचवी अनुसूची क्षेत्र में स्थानीय आरक्षण विस्थापन, नक्सल समस्या, पुलिस अत्याचार, जमीन की लड़ाई (भू राजस्व संहिता 165 एवम 170 (ख)) के साथ जल जंगल जमीन के लिए अपने अधिकार और संरक्षण के लिए संघर्षरत हैं। इन सभी बातों की समीक्षा 9 अगस्त, विश्व आदिवासी दिवस के दिन मिलकर करेंगे। इस वर्ष विश्व आदिवासी दिवस का विषय (थीम) INDIGENOUS YOUTH AS AGENTS OF CHANGE FOR SELF DETERMINATION” घोषित हुआ है। युवाओं से आग्रह आदिवासीयों के अधिकार और अस्तिव के लिए आत्मनिर्णाय लेकर निर्णायक योजना बनाने के लिए सहभागी बने ।
इस आयोजन के आक्रोश रैली एवं सभा में U.N.O. के सदस्य, देश-प्रदेश के जनप्रतिनिधी, प्रवक्ता, सभी आदिवासी समाज के प्रमुख, छत्तीसगढ़ के सर्व समाज के प्रमुख, जनसेवा वादी संगठन समिति के मातृ शक्ति एवं युवाओं की सहभागीता । सभी आदिवासी समुदाय, गुल निवासी जन एवं सभी प्रदेश वासियों से आग्रह विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम को सफल बनाने अवश्य सपरिवार सहभागी बनने ।
कार्यक्रम विवरण
आक्रोश रैली
समय सुबह 10:30 बजे से इंडोर स्टेडियम रायपुर से किटी कोतवाली होते हुए जयस्तंभ चौक और यहां से जिसमें
हमारे संवैधानिक अधिकार, देश-प्रदेश में हो रही प्रताड़ना (मणिपुर की बीमला पटना) और छत्तीसगढ़ में आदिवासियों की स्थिति का जीवन्त प्रदर्शन की प्रदर्शन पहुंच विहिन जगहों में स्वास्थ्य के चलते परेशानियां, अमर शहीदों का जीव झांकी छत्तीसगढ़ में संसाधन की प्रस्तुति जनप्रतिनिधियों का दन्दसी 325 आरक्षण, पंचवी अनुसूषि क्षेत्र में
स्थानीय आरक्षण एवं बस्तर की समस्या का जीवंत प्रदर्शन सभी जिलों की उपस्थिति के साथ आक्रोश रैली
समय दोपहर 2:00 बजे रेली वापस इंडोर स्टेडियम
2:10 से प्रारंभ
ताओं का उद्बोधन विषय बार
समय 3:00 बजे मुख्य का
समय 3:30 अतिथियो का उद्बोधन समय- 4:00 बजे अध्यक्ष/सभापति का उद्बोधन
समय 5:00 बजे से आदिवासी महासभा अपने अधिकार वर्तमान परिवेश की समीक्षा और आगामी रणनीति के लिए। स्थान: इंडोर स्टेडियम, बुढ़ातालाब के पास, रायपुर (छ.ग.)
टीप: 9 अगस्त को आने वाले सभी सम्मानीय जनों, समाजिक जनों के लिए रूट चार्ट पार्किंग व्यवस्था अलग से अवगत कराई जाएगी।
सभा स्थल में भोजन एवं पानी की उचित व्यवस्था रहेगी।
आयोजक
सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ (रूढ़ीजन्य परंपरा पर आधारित) समस्त आदिवासी समुदाय छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ प्रदेश सम्पर्क :- मान श्री अरविंद नेताम जी (पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष) 9425259051, श्री बी एस रावटे (कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष)-
9424216515 श्री अकबर कोर्त्तम (पूर्व डीआईजी एवं अध्यक्ष गोडवाना महासभा)-7587197404 श्री आर. एन. साथ (प्रदेश महासचिव) 9406033133, श्री विनोद नागवंशी (प्रदेश सचिव)9881132162. श्री जयपाल ठाकुर 7987618801 श्रीमती सविता साप 9329444014 श्री सुभाष पहले 9907925177 डॉ. संतोष पुर्व-9408066932 श्री. परशुराम भगत 0770322332. श्री रामकुमार मघार-9131377609 श्री राजेन्द्र नागरची- 7369254750. श्री सुदेश टिकम-9981334642. श्री हेमलाल – 9131441495, धमतरी 9479109344, जीवरान उसारे 6264609747 श्री महासमुन्द -9425204314 श्री कमलेश व (वा) 7746076383, श्री.यु.आर गंगरेला बलाद- 99071.06750, अकदा ठाकुर 9425510787, सेरेनिस टोपणे- 9516688859. श्री नेपाल सिंह सिदार-9131129426. श्री निखिल नेताम 8882479684 श्री दिन नेताम 9754930000 श्री हेम सात पुर्व-9131441495 श्री बजरंग ध्रुव-9329117475, श्रीमती आशा एम-9009013419, डॉ. बबीता राज तिक- 9907023727, श्री afft-7000705692
सहभागी:-
गोंडवाना गोंड महासभा, गाडयाना समन्वय समिति बस्तर पर समाज महासभा, भगत उराव महासभा, पादा पहा संदरा समाज आदिवासी कल्याण समिति समाज माथी या पुरावर पांडो, भुजिया, मैना, बियार करा, तर पाय खडिया एवं आदिवासी आधार पर कार्य करने वाली संगठन

