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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की रायपुर -टिटलागढ़ दोहरीकरण महत्वकांक्षी परियोजना

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रायपुर -टिटलागढ़ सेक्शन यात्री परिवहन एवं व्यवसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सेक्शन

रायपुर- 06 मई,2020/ पीआर/आर/60

    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधाओं के हित को ध्यान में रखते हुए यात्री सुविधाओं के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार प्रगतिशील कार्य किए जा रहे हैं । रायपुर -टिटलागढ़ सेक्शन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे एवं ईस्ट कोस्ट रेलवे का महत्वपूर्ण सेक्शन है, इसके माध्यम से उड़ीसा- आंध्रप्रदेश -छत्तीसगढ़ राज्य रेल द्वारा एक दूसरे से जूड़े हैं , इन राज्यो के मध्य आपस में परिवहन की सुविधा रेलवे ने मुहैया कराई  है।

रायपुर-टिटलागढ़ दोहरीकरण परियोजना बहुत ही महत्वपूर्ण परियोजना है जिसके तहत लगभग 203 किलोमीटर पटरियों को बिछाया जाना है जिसमें से लगभग 119 किलोमीटर दोहरीकरण का कार्य किया जा चुका है एवं 84 किलोमीटर का कार्य प्रक्रिया अधीन है।  रायपुर- टिटलागढ़ दोहरीकरण परियोजना ईस्ट कोस्ट रेलवे एवं दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के द्वारा अपने अपने  क्षेत्राधिकार में पूर्ण की जानी है।ईस्ट कोस्ट रेलवे ने 175 किलोमीटर दोहरीकरण कार्य में से लगभग 120 किलोमीटर कार्य पूर्ण कर लिया है,  लगभग 55 किलोमीटर शेष कार्य किया जाना हैं। रायपुर रेल मंडल द्वारा लगभग 28 किलोमीटर दोहरीकरण कार्य किया जाना है । रायपुर - लखोली के मध्य यह कार्य अगले वित्तीय वर्ष में पूर्ण कर लिया जाने का लक्ष्य रखा गया है साथ ही रायपुर, मांढर,  लखोली यार्ड का मॉडिफिकेशन भी किया जाना है । 

  उक्त सेक्शन में दोहरीकरण कार्य हो जाने से विशाखापट्टनम एवं पुरी जाने वाली गाड़ियों के परिचालन में गतिशीलता आएगी। जिसका सीधा फायदा यात्रियों को मिलेगा यह सेक्शन आम बोलचाल की भाषा में वॉल्टियर रूट कहलाता है इस रूट पर आंध्र और उड़ीसा के व्यापारियों का छत्तीसगढ़ आवागमन होता रहता है। जिससे व्यावसायिक दृष्टि से भी इस रूट की उपयोगिता बढ़ जाती है साथ ही माल परिवहन की संभावनाएं बढ़ने से माल ढुलाई में भी इजाफा होगा।

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