छत्तीसगढ़

आत्मानंद स्कूलों मे अंग्रेजी हिन्दी के साथ छत्तीसगढ़ी को भी शामिल किया जाये।

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज़ 

रायपुर : राज्य सरकार द्वारा जिन स्कूलों को आत्मानंद मे समायोजित किया गया है, इस वर्ष स्कूल शिक्षा विभाग उसमे अंग्रेजी के साथ हिन्दी को जोड़ने जा रही है। इसी कड़ी मे एम ए छत्तीसगढ़ी छात्र संगठन के अध्यक्ष ऋतुराज साहू ने लोक शिक्षण संचालनालय और स्कूल शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित कर हिन्दी के साथ ही एक विषय छत्तीसगढ़ी भाषा इन स्कूलों मे पढ़ायें जाने कि मांग कि है। नयी शिक्षा निती 2020 के तहत राजभाषा / स्थानीय भाषा मातृभाषा मे शिक्षा दिए जाने कि बात कही गई है, आगे ऋतुराज साहू ने बताया कि बच्चों का सही विकास उनकी अपनी मातृभाषा मे शिक्षा देने से होता है, छत्तीसगढ़ी यहां कि ढाई करोड़ लोगो कि मातृभाषा के साथ सम्पर्क कि भाषा भी है। इसलिए राज्य सरकार को बिना विलम्ब किये कम से कम एक विषय अनिवार्य रूप से छत्तीसगढ़ी को आत्मानंद स्कूलों मे शामिल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही इस विषय को के लिए छत्तीसगढ़ी मे जो एम ए डिग्रीधारी है उनके लिए रोजगार का भी विकल्प खुल जायेगा ।गौरतलब है कि प्रदेश कि सबसे बड़ा यूनिवर्सिटी मे 2013 से मास्टर डिग्री के रूप मे छत्तीसगढ़ी की पढ़ाई की जा रही है, इसके साथ ही राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों मे भी एम ए छत्तीसगढ़ी का कोर्स प्रारम्भ है, पर इन डिग्रीधारियों के लिए राज्य सरकार अब तक किसी भी प्रकार कि रोजगार की व्यवस्था नही करा पाई है। अगर आत्मानंद मे छत्तीसगढ़ी को सम्मिलित कर लिया जाता है, तो एम ए छत्तीसगढ़ी डिग्रीधारियों के लिए एक रोजगार का विकल्प खुल जायेगा। आत्मानंद मे छत्तीसगढ़ी कि मांग करने वालो मे संगठन के अजय पटेल, संजीव साहू, जिनेन्द्र यादव, विनय बघेल, पूजा, यामिनी, पिलेश्वरी साहू, सत्या, खिलेन्द्र, कमलेश सहित सभी डिग्री धारी शामिल हैं।