छत्तीसगढ़

आदिवासी जमीन के गैरआदिवासीकरण पर सर्व आदिवासी समाज जिला बिलासपुर ने 25वीं और मी, जिला मुंगेली में चौथी आपत्ति दर्ज की….

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज़ 

आदिवासी स्टूडेंट यूनियन बिलासपुर के सजग एवं संवेदनशील कार्यकर्ताओं से प्राप्त आम इश्तिहार के जवाब में सर्व आदिवासी समाज बिलासपुर ने पथरिया तहसील कोर्ट में २४वीं और लोरमी जिला मुंगेली में चौथी आपत्ति दर्ज की.

कथित रूप से ग्राम लौदा तहसील पथरिया जिला मुंगेली निवासी श्री चैतराम मरकाम पिता रामा गोंड ने ग्राम लौदा प.ह. नं ७ तहसील पथरिया जिला मुंगेली स्थित अपने स्वामित्व की भूमि खसरा नं 448/1 रकबा 0.0291 हे. = 0.72 एकड़ भूमि को सजातीय क्रेता नहीं मिलने के कारण गैर आदिवासी बसंत कुमार साहू पिता दुलारीराम साहू निवासी ग्राम लौदा तहसील पथरिया के पास विक्रय की अनुमति दिए जाने हेतु आवेदन किया है।
संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं ने इस सम्बन्ध में ग्राम लौदा गाँव जाकर आवेदक श्री चैतराम मरकाम से भेंट की. चैताराम जी पथरिया – तखतपुर मुख्य सड़क पर स्थित ग्राम लौदा में ८ एकड़ कृषि भूमि के भूमिस्वामी हक़ के संपन्न किसान है. रोड पर ही उनका बड़ा दोमंजिला पक्का माकन है. गाँव के बैगा भी हैं. जब हम उनके घर में थे तब गाँव की देवतला मंडली पहुची थी. बातचीत में तथ्य उभरकर सामने आया कि गैर आदिवासी साहू जी ने दस बारह साल पहले आर्थिक मदद की थी उसके बदले वे विषयांकित भूमि पर काबिज हैं और विक्रय अनुमति लेकर भूमि अपने नाम पर करना चाहते है. साहू जी कई असफल प्रयास कर चुके हैं. चर्चा में चैतारामजी के परिवार और समधी शामिल रहे.
सर्व आदिवासी समाज संगठन की ओर से तहसीलदार के न्यायालय में आपत्ति दर्ज की गई. इस प्रकरण में दिलचस्प किन्तु दुर्भाग्यजनक जानकारी प्राप्त हुई कि क्षेत्र के गोंड समाज के चक अध्यक्ष, सचिव और रायपंच ने अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया है जो सम्बधित फ़ाइल में दर्ज है.