ग्रामीण विशेषछत्तीसगढ़

सोमती सिदार (जगत) के गाँव कान्दागढ़ (रायगढ़) में पहली बार कुंडा (मृत्यु संस्कार) गोंडी रीती रिवाज से संपन्न

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 

ग्राम कान्दागढ़ जिला रायगढ़ के श्री विजय सिंह सिदार (जगत) का असामयिक निधन 12 जुलाई २०२४ दिन शुक्रवार को हो गया था. दिवंगत विजय सिंह सिदार जी संगठन के कर्मठ मातृशक्ति सोमती सिदार जिला अध्यक्ष महिला प्र. जिला रायगढ़ और छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज रायगढ़ के जिला अध्यक्ष महिला प्र. के पति थे. उनका दशगात्र २१ जुलाई २०२४ रविवार को उनके गृह ग्राम कांदागढ़ में संपन्न हुआ. वे अपने पीछे एक पुत्र और एक पुत्री सहित खुशहाल परिवार छोड़ गए हैं. पुत्री कविता बी.एस-सी. नर्सिंग के फायनल ईयर में है और पुत्र मनोज बी. फार्मा. चौथे सेमेस्टर में अध्ययन रत है. हम प्रकृति शक्ति से कामना करते है कि श्रीमती सोमती सिदार इस असीम शोक सागर को पार कर बच्चों को माता-पिता दोनों का प्यार और परवरिश प्रदान करें.

कांदागढ़ रायगढ़ जिले में उड़ीसा सीमा के पास NTPC लारा प्लांट से लगा हुआ ग्राम है. रायगढ़ के लिए अधिकाँश लोकल ट्रेन निरस्त थी इसलिए उचित समय पर पहुचने के लिए मै सवेरे पौने सात बजे के बिलासपुर-टिटलागढ पैसेंजर से निकला. १० बजे रायगढ़ स्टेशन पंहुचा. रायगढ़ में जम के बारिश हो रही थी. सालाबाबू विजय बहादुर कुंजेमुडा (तमनार) वाले स्टेशन में रिसीव करने के लिए उपस्थित थे. फिलहाल वे रायगढ़ में ही सेवारत हैं वही लोचन नगर में रहते हैं. उनके निवास में तरोताजा होकर हल्का स्वल्पाहार लिए और काँदागढ़ के लिए निकले. पायलट स्थानीय था इसलिए उसने हाइवे के टोल टैक्स से बचने के लिए अन्य मार्ग से लेकर गया. रायगढ़ मेडिकल कालेज के रास्ते ग्राम एकताल होते हुए कनकतूरा पहुंचे. पहले हम उड़ीसा प्रवेश किये. ग्राम कनकतुरा उड़ीसा में पड़ता है. केलो नदी पार कर वापस छत्तीसगढ़ के गाँव रेंगालपाली पहुचे. केलो नदी ही सीमा रेखा है. नदी के इसपार छत्तीसगढ़ और उसपार उड़ीसा. रेंगालपाली से NTPC लारा प्लांट के लिए सड़क निकलती है. NTPC प्लांट के बाउंड्री के किनारे किनारे सड़क ग्राम बोड़ाझरिया पहुंचाती है, बोडाझरिया में ही NTPC द्वारा निर्मित बडा सिंहद्वार है जिसपर सरपंच श्रीमती सोमती सिदार का नाम अंकित है. बोडाझरिया ग्राम पंचायत कांदागढ़ का आश्रित ग्राम है. दोनों ग्राम आसपास ही है.
जब हम गाँव पहुचे तब गोंडी विधि विधान से पूजा की तैयारी चल रही थी. गाँव में पहली बार समस्त कुंडा (मृत्यु) संस्कार गोंडी रीति रिवाज से संपन्न कराये गए. अन्यथा सभी सिदार लोग ब्राम्हणी विधि से पिंडा –पानी और ब्राम्हण दान करते थे. वन्य क्षेत्र में ब्राम्हण ठाकुर लोग नहीं पहुँच पाए इसलिए आदिवासी लोग ही क्षेत्र में गौटिया … जमीदार हैं और सिदार और दीवान उपनाम अपनाते हैं. अस्थि विसर्जन के लिए गंगा जाने वाले थे, उसे भी रोका गया. क्षेत्र में गोंडी संस्कृति के लौ जगाने में दो मातृशक्ति दिजोरी और सोमती सिदार हैं. दोनों ननद भौजाई हैं. गोंडवाना और सर्व आदिवासी समाज के कार्यक्रमो में दोनों अवश्य क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. इस सक्रियता के लिए उन्हें कभी कभी सामाजिक प्रतिरोध का भी सामना करना पड़ता है. .
दिवंगत विजय जगत के कुडा संस्कार तिरु, नीलाम्बर नेताम शिक्षक और परमेश्वर जगत ग्राम झारमुडा वाले ने संपन्न कराया. कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सर्वश्री / श्रीमती सुलोजना राठिया ब्लाक अध्यक्ष घरघोड़ा, कविता नेताम, अर्चना सिदार बरगढ़, वीर सिंह नागेश, जिला अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज रायगढ़, भवानी सिंह सिदार पुसौर, भुनेश्वर सिदार ब्लाक अध्यक्ष पुसौर, अजय नेताम अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज छाल परिक्षेत्र, विजय बहादुर सिंह सिदार तमनार, राजेश मरकाम तमनार, राम लाल सिदार बरगढ़, अमृत मणि प्रजा जशपुर, दीपक उरांव जिला अध्यक्ष युवा प्र. रायगढ़. आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित किये.