छत्तीसगढ़सामाजिक

साहित्य समाज और पर्यावरण के लिये श्रीमती आशा ध्रुव को विद्या वाचस्पति सारस्वत उपाधी से सम्मानित किया गया |

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज जय लांजी गढ़ की लंजकारी दाईं : तिरुमाय आशा धूव नेताम को आदिवासी शक्तिपीठ कोरबा की तरफ से बहुत-बहुत बधाई शुभकामनाए: आज समाज में लेखक साहित्यकार पेनवासी कंगाली दादा ताराम जी मरई जी और भी है लेकिन साहित्य को सम्हाल कर रखना और उस पर चलना बहुत बड़ी जिम्मेदारी है क्योंकि साहित्य ही समाज का दर्पण होता है आज हमारी आशा बहन का मेहनत और लगन रायपुर जैसे शहर से बाहर जाकर महिला प्रभाग का प्रतिनिधित्व करना एक महिला के लिए एक बहुत मुश्किल काम है परन्तु अपनी लेखन के साथ साथ नौकरी परिवार समाजिक कार्यकर्ता बनकर जिस समाज में जन्म लिए है अभी तक बहुत कुछ करते आ रहीं हैं हमारा सौभाग्य है कि हमारे समाज में ऐसी महिलाएं भी है जो समाज को संगठन बनाकर अपने अधिकार और कर्तव्य के बारे में जागरूकता पैदा कर रही है: आशा बहन में एक बात है जहां भी गोंडवाना सम्मेलन हुआ समाजिक बैठक की जानकारी मिली मुझे जरूर काल करेंगी दीदी आप जा रही है इसको कहते हैं जसबा: जबकि अकेले ही जाती रही है : एकबार लांजी में रात्रि में २:३० बजे भाषण था फिर सुबह रायपुर आई और ड्यूटी गयी: मैं आदिवासी नारी शक्ति रायपुर की और समस्त मातृशक्तियों से गुजारिश है कल हम रहे या ना रहे समाज को एक ऐसा मजबूत प्रदान करें कि आने वाला पीढ़ी भी याद करें अभी मौका है आज आप नहीं किये कि हमारे समाज की स्थिती बहुत दयनीय हो जायेगी: परिवार से समय निकालकर आगे आए और समाज को एक नया आयाम देवें पुरखों का भरपूर आशीर्वाद मिलेगा जय सेवा जोहार जय बुढ़ा देव: