सुशीला देवी मरकाम का कुंडा नेंग ग्राम परसाही नाला (अकलतरा) में
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
गोंडी रीति रिवाज से संपन्न.
सुशीला देवी मरकाम का निधन 26 अगस्त २०२४ को हो गया था जिसका कुंडा संस्कार 1 सितम्बर को उनके गृह ग्राम परसाही नाला (अकलतरा) जिला जांजगीर चापा में संपन्न हुआ. सुशीला देवी काशीराम मरकाम की पत्नी और गोपालसिंह ध्रुव पूर्व जिला उपाध्यक्ष बिलासपुर सर्व आदिवासी समाज की बड़ी बहन थीं. दिवंगत सुशीला जी दो पुत्र और एक पुत्री सहित सहित भरपूरा और खुशहाल परिवार छोड़ कर गई हैं. काशीराम मरकाम जी BHEL भोपाल के सेवा निवृत्त कर्मचारी हैं और वे ग्राम परसाही नाला में निवास करते हैं. समाज के धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम में उनकी सक्रीय सहभागिता रहती है.
परसाही नाला (अकलतरा) गोंडवाना गाँव है, यहाँ के जमींदार श्री श्याम सुन्दर मरकाम जी हैं. ग्राम परसाही नाला इस क्षेत्र के 14 उपकेंद्र (चक / मुडा ) के राजधानी (प्रधान केंद्र) है. १४ उपकेंद्र के गोंड समाज यहीं से व्यवस्थित होते हैं. यहाँ एक नाला है जिसका जलश्रोत भूगर्भीय उपका है. इस नाले में बारहों महिना मीठा जल जलस्तर मेंटेन रहता है. इसी नाले की वजह से गाँव को परसाही नाला के नाम से जाना जाता है. इसी नाले से पम्प द्वारा अकलतरा कसबे को जल आपूर्ति किया जाता है. नाला के किनारे प्राचीन शिव मंदिर है. प्रत्येक वर्ष यहाँ शिवरात्री में मेला लगता है.
सुशीला देवी के कुंडा संस्कार में दूर दूर से परिजन, इष्ट मित्र और सगाजन बड़ी संख्या में पहुंचे थे. बिलासपुर से श्री संतकुमार नेताम सदस्य छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग और रमेश चन्द्र श्याम प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा भी उपस्थित थे.

