ग्राम कारीडोंगरी, तहसील लोरमी, जिला मुंगेली के आदिवासियों पर नगर सैनिक का आतंक
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
बिलासपुर, ग्राम कारीडोंगरी के लिए बघर्रा से वापस डोंगरिया लौटे. वाहन का इंधन संकेतक “लो लेवल” अलार्म दे रहा था. डोंगरिया में एक गुमटी में पेट्रोल मिल गया और कामचलाऊ व्यवस्था हो गई. आगे उरई कछार, घानाघाट, कंसरी, दरवाजा, टोपियाडीह होते हुए कारीडोंगरी पहुंचे. ग्राम दरवाजा … नाम जितना अजूबा है उतना ही दिलचस्प है. यहाँ आदिवासियों के बीच में तीन चार घर मुस्लिमों के हैं. ये मूलतः उत्तर प्रदेश के हैं और भईसा कोचिया थे. माकूल मौका और माहौल पाकर यही बस गए हैं.
कारी डोंगरी में जंगल के बीचोंबीच वन विभाग का सुन्दर और आरामदेह विश्राम गृह है. बैठक वही रखी गई थी. आसपास के गाँव आदिवासी बहुल आबादी है जिसमे बैगा आदिवासी की भी काफी जन संख्या है. कारीडोंगरी में ग्राम पंचायत के नाम पर सामुदायिक वन पट्टा है. उक्त वन पट्टा की दो एकड़ से अधिक भूमि पर शिवकली यादव पति तीजराम यादव, शीतला यादव पति शंकर यादव निवासी कारीडोंगरी द्वारा बलात कब्ज़ा कर खेती किया जा रहा है.
भीखा खान पिता जाला खान निवासी कंसरा उन्हें शह देता है. ये खाश राजनितिक पार्टी से सम्बन्ध रखते हैं. शिवकली यादव के पति नगरसेना में हैं. ग्राम के आदिवासियों को वे अपने राजनितिक रसूख और पति के नगर सैनिक होने का धौंस दिखा कर मनमानी कर रहे हैं. ग्राम पंचायत ने अतिक्रमण के बेदखली का प्रस्ताव पास कर दिया है, फिर भी अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है. मंदिर के लिए चिन्हित भूमि और तालाब के एक हिस्से को पाटकर बलात कब्ज़ा कर लिया गया है. लोग जब अतिक्रमण कारी के पास बात कर्नेजाते हैं तब वह कपडा फाड़कर छेड़खानी और जोर जबरदस्ती का आरोप लगा देने का डर दिखाती है.
समस्या पर विस्तृत चर्चा कर इस बात पर सहमति बनी कि समस्या पर उचित कार्यवाही के लिए पहले लिखित आवेदन सम्बंधित अधिकारीयों को दिया जाए और उनके द्वारा दिए गए समय तक इंतजार किया जाए. फिर आगे की कार्यवाही पर विचार करेंगे.
इन पंक्तियों के लिखने तक सम्बंधित तहसीलदार और रेंजर मौका मुआयना कर चुके हैं

