तहसील पथरिया में आदिवासी भूमि के गैर आदिवासीकरण का तीसरा मामला …समाज के युवाओं ने की आपत्ति दर्ज….न्यायालय में हुई जोरदार बहस…
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
पथरिया तहसील जिला मुंगेली में आदिवासी भूमि के गैर आदिवासीकरण का प्रयास धड़ल्ले से चल रहा है. पिछले छः महीने में यह तीसरा मामला है. पहला मामला चैतराम ध्रुव बनाम बसंत साहू ग्राम लौंदा के भूमि का आया जिसमे 0.72 एकड़ जमीन पर गैर आदिवासी साहू सालों से काबिज है. दुसरा प्रकरण भी ग्राम लौंदा का है जिसमें बद्री ध्रुव के नाम पर 1.02 एकड़ मुख्य सड़क के भूमि पर मोहितराम विश्वकर्मा रिटायर्ड नहर पटवारी पक्का मकान बनाकर वर्षों से काबिज है. इन दोनों मामले में कलेक्टर से मंजूरी के विरोध में छत्तीसगढ़ गोंडवना गोंड महासभा ने खुले इश्तिहार के जवाब में आपत्ति दर्ज किया है. इन मामलों में क्षेत्र के गोंड समाज के पदाधिकारियों और शाश्कीय सेवकों के द्वारा आदिवासी भूमि को गैर आदिवासी को बेचने के लिए अनापत्ति प्रमाणपात्र जारी किया है.
अभी ताजा और तीसरा मामला ग्राम खपरी तहसील पथरिया का है जिसमे श्रीमती साखिन बाई पिता गरीबा जाति गोंड निवासी ग्राम बछेरा पोस्ट भटगांव तहसील पथरिया ने ग्राम खपरी स्थित अपने 0.80 एकड़ भूमि को गैर आदिवासी श्रीमती बेबीनाज पति शाहिद खान निवासी खपरी के पास विक्रय के लिए आवेदन किया है.
आदिवासी भूमि के गैर आदिवासीकरण के मुद्दे को बिल्हा, पथरिया, और रतनपुर क्षेत्र तथा राज्य के बाहर हैदराबाद में काम करनेवाले सजग साथियों ने संगठन के संज्ञान में लाया.
इस मुद्दे पर पथरिया तहसील न्यायालय में युवा साथियों ने रमेश चन्द्र श्याम कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष के नेत्रित्व में विधि सम्मत आपत्ति दर्ज किया.
बद्री प्रसाद ध्रुव बनाम मोहितराम विश्वकर्मा प्रकरण में न्यायालय के समक्ष मोहित विश्वकर्मा के अधिवक्ता के साथ रमेश चन्द्र श्याम की जोरदार बहस हुई. बहस के तेवर और तर्क सुनकर तहसील परिसर में उपस्थित समस्त अधिवक्ता गण न्यायालय में उपस्त्थित हो गए. बहस में अनिल ध्रुव कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष के सहयोगी रहे.
इस अभियान में कार्यकारी अध्यक्ष के साथ रहे अनिल ध्रुव प्रदेश संयोजक आदिवासी स्टूडेंट यूनियन, शिव चरण जगत कोषाध्यक्ष सीपत क्षेत्र, घनश्याम खुशरो सचिव सीपत उपकेन्द्र, राजाशाह उइके, दिनेश शाह उइके, प्रकाश मरकाम, रवि मरकाम समर्पित केडर, गोंडवाना समग्र क्रांति आन्दोलन.

