छत्तीसगढ़

गोंडवाना मातृशक्ति स्वावलंबन का एक मिशाल … लिमहागढ़ बेलतरा में चला रहे 6 हथकरघा….

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 

मातृशक्ति स्वावलंबन का जीवंत स्वरुप देखने को मिला ग्राम लिमहा (बेलतरा) विकास खंड बिल्हा जिला बिलासपुर में. यहाँ गोंडवाना किला महल के ठीक सामने एक भवन में गोंडवाना मात्री शक्ति संगठन द्वारा कपडा मिला संचालित हो रहा है. और निरंतर वृद्धि कर रहा है. विगत सितम्बर में राजा शंकर शाह रघुनाथ शाह बलिदान दिवस पर आये थे तब पांच हथकरघा (हैंडलूम) चल रहा था अभी छः हथकरघा चल रह है. ये छः महिलाएं ऐसी व्यावसायिक कौशल प्राप्त कर काफी उत्साहित हैं. उन्होंने बताया कि प्रतिदिन प्रति मशीन बीस मीटर तक कपडा तैयार कर लेते हैं.
उन्हें गोंडवाना किला महल के सप्त वार्षिकी के अवसर छहों मत्रिशाक्तियों को सम्मानित किया गया. ये हैं श्रीमती बेबी कोर्राम, श्रीमती संतोषी सोरठे, श्रीमती शिवकुमारी श्याम, श्रीमती पूर्णिमा टेकाम, कु. चम्पारानी पोरते, कु. रवीना टेकाम.
गोंडवाना मातृशक्ति संगठन लिम्हा का उद्यमिता की ओर यह छोटा किन्तु महत्वपूर्ण कदम न सिर्फ उनके स्वावलंबन और सशक्तिकरण के लिए श्लाघनीय है बल्कि समग्र आदिवासी समाज के लिए अनुकरणीय भी है.