देव किरारी (अकलतरा) में इश्वरी प्रसाद श्याम के घर हुआ चइत जवारा सेवा अर्जी
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
गोंडवाना परंपरा में परिवार के सुख समृद्धि के लिए पीढ़ी पूजई और जवारा नेव्ररात सेवा अर्जी किया जाता है. पीढ़ी पूजई पीढ़ी दर पीढ़ी कुल के ज्येष्ठ के द्वारा किया जाता है. यह महापूजा है. यह राज परंपरा है और पुरुषों की मुख्य भूमिका होती है. इसकी जड़ें गोंडवाना राजशाही से जुडी हैं.. राजा का ज्येष्ट पुत्र… युवराज को राज गद्दी मिलती है. राज गद्दी प्राप्त होने के पश्चात जब राजा को अपना उत्तराधिकारी पुत्र “युवराज” प्राप्त होता है तब राजा पीढ़ी पूजई (महापूजा) का आयोजन करता है. इस पूजा में कुल देव बुढादेव सहित समस्त कुल देवी देवताओं को जीव सेवा अर्पित किया जाता है. राजा (ज्येष्ठ) “सीर” धारण करता है और शक्ति का आवाहन कर अपने शारीर में धारण करता है. इसमें परगनिहा और उसके बाना ककी अहम भूमिका होता है. सीर धारक जेठ (ज्येष्ठ) को सीरदार कहा जाता था. सीरदार ही कालांतर में बोलचाल में बदलते बदलते सरदार … सिदार हो गया और बड़े (जेठ) लोगो का पर्याय बन गया. जो अब सामान्य रूप से क्षेत्र विशेष में “सिदार” उपनाम हो गया. चूँकि गोंड लोग राजा … दीवान, जमींदार…मालगुजार और सिदार रहे हैं तो यही पीढ़ी पूजई की परंपरा प्रचलित है
जवारा नेव्ररात सेवा मात्री प्रधान अनुष्ठान है जिसमें जवा को अंकुरित कर नौ दिनरात कठोर नियम के साथ व्रत रखते हुए कनिष्ठ पुत्रो द्वारा किया जाता है. इस अनुष्ठान में भी कुल के समस्त देवी देवताओं को जीव सेवा अर्पित किया जाता है. इसमें परगनिहा की अनिवार्यता नहीं है.
इस तरह से ज्येष्ठ और कनिष्ठ गोंड़ पुत्रों के लिए पारंपरिक पूजा अनुष्ठान निर्धारित है. ये परंपरायें लिपिबद्ध नहीं होने के कारण वाचिक रूप में पीढ़ी दर पीढ़ी आंशिक, अपभ्रांशिक एवं रूपांतरित होकर विविध संस्करणों में प्रचलित है. कुछ लोग अज्ञानतावश तो कुछ लोग आधुनिकता के चकाचौंध में पूर्वजों के नीति नेग को अपनी सुविधानुसार मानते / छोड़ते जा रहे हैं.
लेकिन ग्राम देव किरारी के श्याम परिवार और उनके प्रशाखा जो ग्राम तरौद, पकरिया और परसाही नाला में निवासरत हैं ने इस परंपरा को जीवंत रखा है.
इसी क्रम में ईइश्वरी प्रसाद श्याम एवं भाइयों ने ग्राम देव किरारी (अकलतरा) में चईत जवारा सेवा का पारंपरिक अनुष्ठान किया. जिसमें 29 अप्रेल को बीज गिराया गया. मुख्य सेवईक बिसाहू श्याम और सह सेवईक बैसाखू श्याम ने नौ दिनरात कठोर नियम नेग का पालन करते हुए सेवा अर्जी संपन्न कराया. अठवाही के दिन हुमन का नेग बड़े ही उमंग और आस्था के साथ संपन्न हुआ. नौ दिन के अनुष्ठान में समस्त श्याम परिवार के साथ परिजन ममा-फूफू, सीर-समधियान, धी – दमाद, मौसी – बड़ी, मीत – मितान, सगा समाज एवं ग्राम के संभ्रांत नागरिक सम्मिलीत हुए. मा. कृष्ण कुमार ध्रुव पूर्व विधायक मरवाही ने भी अनुष्ठान में समय दिया. मा. ध्रुव अनुज डॉ. मनोज श्याम के ससुर हैं.
ज्ञात हो कि रमेश चन्द्र श्याम कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा ग्राम देव किरारी के इस श्याम कुल के ज्येष्ठ संतति हैं. वे समस्त नेग और नियम का पालन करते हुए सपरिवार अनुष्ठान में सक्रीय रहे. .

