सर्व अनुसूचित जाति- जनजाति संयुक्त मोर्चा जिला धमतरी ने विसंगतिपूर्ण युक्तियुक्तकरण के विरोध में सौंपा ज्ञापन
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
*युक्तियुक्तकरण में विसंगति व दोषपूर्ण आदेश में संशोधन करने की मांग*
*सर्व अनुसूचित जाति -जनजाति संयुक्त मोर्चा धमतरी ने मुख्यमंत्री, शिक्षा सचिव व संचालक के नाम से अपर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन*
विसंगति एवं दोषपूर्ण युक्तियुक्तकरण आदेश में 2008 के सेटअप व 2009 शिक्षा के अधिकार अधिनियम को शामिल कर संशोधन करने की मांग सर्व अनुसूचित जाति जनजाति संयुक्त मोर्चा जिला धमतरी द्वारा दिनांक 20 मई को जीवराखन लाल मरई जिलाध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज ,भावसिंह डहरे, जिलाध्यक्ष सतनामी समाज, पालनहार मेश्राम जिला अध्यक्ष भारतीय बौद्ध महासभा, गेवाराम नेताम जिला अध्यक्ष छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजातीय शासकीय सेवक विकास संघ के संयुक्त नेतृत्व में मुख्यमंत्री, शिक्षा सचिव व संचालक के नाम से अपर कलेक्टर इंदिरा मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर किया गया है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि प्रधान पाठक को शिक्षकीय पद मानकर ही सेटअप तैयार की गई है जो बड़ी विडंबना पूर्ण एवं विसंगति पूर्ण है। जबकि, वर्तमान में विद्यालय की विभिन्न जानकारी, विभागीय बैठक, आनलाइन कार्य, सर्वे, मध्यान्ह भोजन, जाति प्रमाण पत्र, आयुषमान कार्ड, अपार आईडी, विद्यालय संबंधी अन्य कार्यों आदि का संपादन करते है। प्रधान पाठकों को पढ़ाने के लिए समय नहीं के बराबर मिलता
है। प्राथमिक शाला में 60 छात्र की दर्ज संख्या में प्रधानपाठक सहित केवल दो शिक्षक तथा 61-90 तक प्रधानपाठक सहित केवल तीन शिक्षक का प्रावधान किया गया है, इससें उक्त विद्यालय अघोषित एकल शिक्षकीय और दो शिक्षक विद्यालय बन जाएंगे। दो शिक्षकों द्वारा पांच कक्षा और 18 कालखंड की पढ़ाई करा पाना संभव नही है। अतः प्रधान पाठक को शैक्षणिक पद से अलग करते हुए पूर्व सेटअप अनुसार प्राथमिक शाला में 60 छात्र तक के दर्ज संख्या में प्रधान पाठक सहित तीन शिक्षक
और 61-90 दर्ज प्रधान पाठक सहित चार शिक्षक पदस्थापना प्रावधान किया जावें।
इसी प्रकार माध्यमिक शाला में 105 के दर्ज संख्या तक प्रधानपाठक एवं तीन शिक्षक रखने का आदेश हुआ है। तीन शिक्षकों द्वारा 6 विषय और तीन कक्षाओं की 18 है। कालखंड की पढ़ाई करा पाना संभव नही इसलिए पूर्व सेटअप अनुसार प्रधान पाठक सहित पांच शिक्षक रखा जाए। शिक्षकविहीन एवं एकल शिक्षकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को सहमति लेकर उसी संस्था में स्थायी पदस्थापना हेतु
आदेश किया जाए।
वर्तमान युक्तियुक्तकरण आदेश से प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में शिक्षकों की कमी हो जाएगी, जिससे शिक्षा स्तर और गुणवत्ता में गिरावट आएगी। परोक्ष रूप से प्राइवेट स्कूलों को लाभ होगा। भविष्य में और अधिक स्कूल बंद होने की पूर्ण संभावना है। इस आदेश से शासन के प्रति ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के गरीब, मजदूर, किसान परिवारों में सरकार के प्रति गलत संदेश जाएगी। प्रदेश में डीएड, बीएड प्राप्त युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। इसलिए शासन द्वारा शिक्षकों की रिक्त पदों की भर्ती किया जाना चाहिए। जिससे शिक्षा के गुणवत्ता में और सुधार होगी। वैसे विगत दो तीन साल से सरकारी स्कूलों दसवीं बारहवीं की परीक्षा परिणाम बेहतरीन आ रही है। सर्व अनुसूचित जाति जनजाति संयुक्त मोर्चा के बैनर तले आज सौंप गए ज्ञापन के दौरान छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ तहसील शाखा धमतरी उपाध्यक्ष दौलत राम ध्रुव, महासचिव गौतम पोटाई, कोषाध्यक्ष टीकम ध्रुव, सह सचिव टीकाराम कुंजाम, जिला पदाधिकारी कलाराम गंगेश, गोंड़ समाज जिला कोषाध्यक्ष शिव नेताम, सतनामी समाज
जिला सचिव खिलावन बारले,
रुपेन्द्र बघेल सचिव सतनामी समाज ब्लॉक भखारा,
खेमचंद देश लहरे शिक्षक सामाजिक कार्यकर्ता,
कृपाराम डाहरे शिक्षक,
संजय टंडन शिक्षक,
राजू कुर्रे शिक्षक,
गजेंद्र टंडन शिक्षक, बौद्ध समाज से दीपक सहारे, सर्व आदिवासी समाज एवं गोंड़ समाज युवा प्रभाग से वेद प्रकाश ध्रुव, हेमंत ध्रुव, यत्नेश भास्कर, उमेश सिंह ठाकुर शामिल रहे। उक्त जानकारी देवाराम नेता जिला अध्यक्ष छत्तीसगढ़ अजजा शासकीय सेवक संघ धमतरी ने दिया।
*समस्त जिला संचालक गण*
*सर्व अनुसूचित जाति जनजाति संयुक्त मोर्चा धमतरी*

