ग्राम सिल्ली (पामगढ़) में विश्व आदिवासी दिवस की झलकियाँ
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
17 अगस्त को ग्राम सिल्ली (पामगढ़) में क्षेत्र के समस्त आदिवासी समाज ने बड़े ही हर्षोल्लास के साथ आदिवासी पर्व मनाया. इस कार्यक्रम के आयोजन में गोंडवाना गोंड महासभा के एक इकाई परसाही नाला प्रधान केंद्र के पदाधिकारियों की विशेष भूमिका रही है. जिसके सूत्रधार श्री भुनेश्वर सिदार (मरकाम) कार्यकारी अध्यक्ष और तिलक राज जी रहे हैं. भुनेश्वर सिदार मेरे गाँव किरारी मूल निवासी हैं लेकिन अभी पामगढ़ में बस गए हैं. क्षेत्र के शासकीय कर्मचारियों आयोजन के रीढ़ रहे हैं. दो महीने पूर्व ही वे मुझसे १७ अगस्त को समयदान के लिए वचन ले लिए थे. मैंने भी उक्त तारीख को कलेंडर में लाल स्याही से “छेंक” दिया था.
हमलोग बिलासपुर से चले थे. रास्ट्रीय राजमार्ग क्र. 49 से अकलतरा मोड़ से दाहिने मुड़कर किरारी / तरौद क्रास करते झूलन पकरिया पहुंचे. झूलन पकरिया से ही ग्राम सिल्ली का रास्ता है. ग्राम पकरिया अकलतरा पामगढ़ रोड पर बनाहिल के बाद पड़ता है. पकरिया ग्राम किरारी से लगा हुआ है. किरारी भांठा से बनाहिल भांठा … बनाहिल भांठा से पकरिया भांठा है. सन 1965 में मानी पांचवी बोर्ड का परीक्षा ग्राम पकरिया में दिया था. तब किरारी से पकरिया भांठे-भांठा पैदल चलकर जाते थे. किरारी गाँव में मेरे बगल के घरवाले रामचरण कश्यप जी अपना सब कुछ बेच कर पकरिया में बस गए है. उनके छोटे भाई शिवचरण …घरेलु नाम लपाटू … अभी वही रहते हैं. लापटू जी के सौजन्य से मुख्य अतिथि एवं उनके साथियों के लिए चाय-पानी की व्यवस्था पकरिया के बड़े गौंटिया कमल सिंह सारवा (कश्यप) जी के घर में की गई थी. मेरे साथ में पत्नी परमेश्वरी श्याम, डेढ़ सास गिरिजा सिदार, समय सिंह गोंड कार्यकारी जिला अध्यक्ष बिलासपुर, जगदीश प्रसाद सिदार, अनिल ध्रुव प्रदेश संयोजक ASU, शिवचरण जगत जिला कोषध्यक्ष, घनश्याम खुशरो सचिव सीपत परिक्षेत्र, बद्री खैरवार प्रदेश सचिव खैरवार समाज राजेश नेताम रहे. विश्व आदिवासी दिवस, सिल्ली पामगढ़ की कुछ यादगार पल जो न्यूज आइटम में स्थान नहीं पाए … उसे एन्जॉय करें…
रमेश चन्द्र श्याम

