ग्रामीण विशेषछत्तीसगढ़

बस्तर बचाओ रायगढ़ बचाओ सरगुजा बचाओ अभियान कुछ ही दिनों बाद में यह कार्यक्रम बनाएंगे – बि. एस. रावटे

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दिनांक 30.8.2025 को सर्व आदिवासी समाज की बैठक नगारची भवन संतोषी नगर रायपुर में हुआ प्रदेश स्तर पर सर्व आदिवासी समाज द्वारा संचालित रूढ़िजन्य परंपरा पर आधारित प्रांतीय बॉडी का समायोजन/पुनर्गठन के संबंध में चर्चा के साथ अन्य समसामयिक एवं तत्कालीक घटनाओं पर जिला स्तर से प्राप्त विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा के अलावा निम्नांकित विषयों पर जिलेवार एवं विषय वार चर्चा किया गया प्रत्येक जिलेवार के जिला अध्यक्ष ने अपना-अपना विचार रखा

जिला एवं ब्लाक स्तरीय निर्वाचित कमेटी की सूची प्रदेश कार्यालय में प्रस्तुत करने बाबत्।
सदस्यता अभियान के तहत जिलेवार बनाए गए सदस्यों की अध्यतन सूची साथ में लाएं।

शासकीय कर्मचारी द्वारा उठाए गए मुद्दों जैसे आरक्षण, पदोन्नति, सीधी भर्ती, स्थानीय आरक्षण आदि मुद्दों पर जिलेवार जानकारी साथ लाएं।

भारत सरकार द्वारा जनगणना कार्य प्रारंभ की जाने वाली है इसमें आदिवासी धर्म कलाम के संबंध में अपने विचार एवं समर्थन के संबंध में चर्चा।

आगामी परिसीमन कार्यक्रम सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला है तो प्रभावित होने वाले विधानसभा एवं लोकसभा सीटों के सीमांकन पर विशेष चर्चा।

जल, जंगल, जमीन एवं पैतृक जमीनों की सुरक्षा कैसे की जाए के संबंध में चर्चा।

अनाधिकृत जमीन अधिग्रहण एवं उजड़े गए गांवो को पुनः स्थापित करने के संबंध में चर्चा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले जिसमें आदिवासियों के पैतृक संपत्ति में बेटियों को अधिकार पर चर्चा।
बी.एस. रावटे अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज बी. एस. रावटे ने कहा आगामी 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस पर जिला धमतरी के अध्यक्ष को सम्मान करना है संगठन कैसा चलेगा संगठन को संगठित करने के लिए सबको₹10 का चंदा देना होगा सदस्यता अभियान चलना के लिए सभी अपने-आपने क्षेत्र में सदस्यता अभियान चलना चाहिए और सभी को इकट्ठा करना है 1993 से आंदोलन करते आ रहे है अब तक कुछ नहीं हो पाया बी.एस. रावटे ने कहा कि 1985 में साइकिल से बस्तर का भ्रमण करता था और वहां एक बच्ची का घटना हो गया जिसे मैं बहुत दुखी था इसलिए हमको संगठित होना है और संगठित होकर अपने जिले वार संगठन का निर्माण करना है संगठन ऐसा होना चाहिए जो शेर के समान हो और अपनी मांग को प्रमुखता से रखें जब तक संगठन मजबूत नहीं होगा तब तक अपना उद्देश्य पुरानी होगा आंदोलन बहुत हुआ जिस प्रकार 2012 में आंदोलन हुआ जिसमें लाठी चार्ज हुआ था 75 आदमी जेल में ठुसे गए थे 32% आरक्षण के लिए लाठी खाने वाला यही सर्व आदिवासी समाज है जो हम आज तक सम्मान नहीं कर पाए इसलिए प्रदेश को बहुत गंभीर होकर सोचना पड़ेगा कि बस्तर में आए दिन निर्दोष आदिवासियों को नक्सलवादी करके मारा जा रहा है इसके बारे में हमें बहुत ज्यादा गंभीर होकर बस्तर जाकर स्टडी करनी पड़ेगी हम किसी प्रकार का धन इकट्ठानहीं कर पा रहे है हमें जिस प्रकार बिरसा मुंडा अपना आंदोलन प्रारंभ किया उसके पास भी धन नहीं था लेकिन एक दूसरे के सहयोग से अपना लड़ाई लड़ा उसी प्रकार हम भी धन इकट्ठा करके बस्तर के निर्दोष आदिवासी के प्रति हमको लड़ना होगा और गांव से लेकर सड़क तक हमें जाना होगा बस्तर में कई आंदोलन हुए जिसको पूछने के लिए ना बात करने के लिए तहसीलदार गया ना कोई अधिकारी गया जिंदगी जी रहे झोपड़ी बनाकर उनकी तकलीफों को समझो जिस प्रकार गोलापल्ली में आदिवासीयों को निर्दोष लोगों को गोली से भुजा गया छत्तीसगढ़ में आदिवासी की संख्या एक करोड़ लगभग है और एक करोड़ लोग सरकार को बनाने और बिगड़ने की क्षमता रखते हैं 5 वर्ष में राज बदल जाता है और आरक्षण हमें 32% लागू करना होगा क्या हम सरकार को चेतावनी दे सकते हैं अगर हमारे अधिकार जल जंगल जमीन बचाने हैं हम अपने हक की लड़ाई सड़क से लेकर विधानसभा तक लड़ना है हमारे अभी एजेंडा बस्तर में बड़ा प्रोग्राम करना है 2025 के लास्ट एवं 2026 के प्रारंभ में जिसमें बस्तर बचाओ रायगढ़ बचाओ सरगुजा बचाओ अभियान चालू होगा 11 अक्टूबर को जसपुर बिलासपुर सरगुजा जगदलपुर संभाग के लोग जसपुर में बैठक का आयोजन करेंगे और प्रत्येक पदाधिकारी को 25-25 मेंबर बनना होगा ताकि जल जंगल की लड़ाई लड़ सके आज पूरा बस्तर खाली हो रहा है और जहां खाली नहीं हो रहा है आदिवासी जमीन को सरकार की योजना में टाइगर प्रोजेक्ट या अन्य प्रकार के प्रोजेक्ट को निर्माण कर रहे हैं अभी वर्तमान में नारायणपुर के 21 गांव को खाली करवा दे रहे हैं सलवा जुड़ाम में खाली करवा गया उसको सरकार आज तक नहीं बसाया नहीं गया जब तक हम एक होकर बस्तर को गंभीरता से नहीं समझेंगे गंभीरता से नहीं समझेंगे तो ऐसी हालत होते रहेंगे इसलिए 10 जिलों के सहमति की जरूरत है और 10 जिलों 500 लोगों को अपने साथ इकट्ठा करके इस कार्यक्रम में शामिल करेंगे अकबर राम कोर्राम ने कहा गोंडवाना गोड़ महासभा अध्यक्ष परिसीमन और धर्म की चर्चा करते हुए परिसीमन पिछले सरकार अमित जोगी के समय में किया गया था उसमें भी आदिवासियों को सिट को काटा गया आदिवासीयों को समाप्त करने का षड्यंत्र चल रहा है परिसीमन में क्या-क्या होगा मैं नहीं जानता पूरा बस्ती में कम कर दिया जाए और अब की बार अब उप तहसील ऑफिस बना बनाकर आदिवासियों की जमीन को खत्म कर रहे है आरक्षण भी खत्म कर रहे हैं और आदिवासी पूरा खत्म होने के लिए केवल 10 वर्ष लगेगा आरक्षण खत्म अब इसको हमको कैसे बचा के रखना है इसलिए संगठन में एकता बहुत जरूरी है राजनीतिक आरक्षण संविधान विद्यापीठ में लगा हुआ है उसमें यह कहा गया है कि 10 वर्ष की राजनीतिक आरक्षण मिला था लेकिन अभी 70 वर्ष पूरा हो चुका है और उसके बाद में रोटर सिस्टम महिला या पुरुष आदिवासियों को सिट दिया जाएगा मतलब एक आदिवासियों को आरक्षण का लाभ लेने के लिए 25 साल तक इंतजार करना पड़ेगा परिसिमन में आदिवासी छोड़ तहसील परिसिमन के माध्यम तहसील ऑफिस बनना रहे हैं सरकार पांच साल पहले योजनाओं को बनाती है और आदिवासी जमिन को कब्जा कर लिया है इसी प्रकार जिवराखन मरई ने कहा कि आदिवासी समाज 1 वर्ष में आदिवासी भूमिहीन हो जाएगा मैं आईटीआई के माध्यम से 174 परिवार का जमीन बचाने में लगा हुआ हु धमतरी जिला के कलेक्टर किसी ने भी तरीका से आदिवासी जमीन को बेचवाने के फिराक में रहते हैं जब आरटीआई सबूत के साथ और मंत्रालय में जाकर रेवेन्यू सेक्रेटरी से शिकायत किया तब इसकी जांच टीम के लिए कमिश्नर ने कमेटी का गठित किया और जांच करने के आदेश दिया गया इस सामान्य सभा की बैठक प्रदेश के सभी जिला अध्यक्ष  सर्व आदिवासी समाज लगभग 100 संख्या में उपस्थित धमतरी जिला रायपुर जिला राजनंदगांव जिला बेमेतरा जिला बस्तर रायगढ़ कोरबा कवर्धा बिलासपुर आदि जिले  के लोग उपस्थित थे