कुरूद खेल मैदान में पांच दिवसीय पुनेम गोंडी गाथा का दूसरा दिन, जनसैलाब उमड़ा
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
कुरूद। कुरूद के खेल मैदान में आयोजित पांच दिवसीय पुनेम गोंडी गाथा कार्यक्रम का आज दूसरा दिन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और जनभागीदारी के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम के प्रथम दिन देव व्यवस्था के साथ शुभारंभ किया गया था, वहीं दूसरे दिन कथा श्रवण हेतु बड़ी संख्या में जनसमुदाय उमड़ पड़ा।
गोंडी गाथा के कथा वाचक शंकर शाह हिरपाची ने गोंडवाना की उत्पत्ति,सरला-गाघरा के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व पर विस्तारपूर्वक कथा प्रस्तुत की। कथा के माध्यम से उन्होंने गोंडी धर्म, संस्कृति, रीति-रिवाज, पूजा विधि, जन्म संस्कार, विवाह संस्कार एवं मृत्यु संस्कार पर समाजजन को जागरूक किया। कथा के दौरान जनसमुदाय भावविभोर होकर झूम उठा और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच हिरपाची जी का भव्य स्वागत किया गया।
आज कथा वाचक की कथा सुनने के लिए दूर-दराज क्षेत्रों से आदिवासी समाज सहित अन्य समाज के लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जीवराखन मरई अध्यक्ष मां अंगार मोती ट्रस्ट, ललित ठाकुर तहसील अध्यक्ष,तेजराम छेदैहा, संतोष सोरी ,कार्यवाहक अध्यक्ष,शिवदयाल नेताम कोषाध्यक्ष, राधेश्याम मरई,उपाध्यक्ष, परदेसी राम मरकाम पाली अध्यक्ष,चमेली नेताम,राजकुमारी ध्रुव,हेमलता ठाकुर,बोधन छेदैया,रामायण लाल ध्रुव,हेमंत सोरी,जागेश्वर नेताम,खेलन सिंह ठाकुर,समाज के वरिष्ठ कुलंजन सिंह मंडावी सहित परिक्षेत्र,तहसील एवं जिला स्तर के पदाधिकारी लगातार उपस्थित रहकर कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु अपील कर रहे हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में कुरूद ब्लॉक के वरिष्ठ पत्रकार बसंत रूप का विशेष मार्गदर्शन एवं भूपेंद्र ध्रुव का सहयोग सराहनीय रहा,जिनके मार्गदर्शन में यह आयोजन सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।
इस अवसर पर अध्यक्ष जीवराखन मरई ने समाजजन से आह्वान किया कि वे ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में तन-मन-धन से सहयोग करें तथा गोंडी धर्म,संस्कृति, रीति-रिवाज और गोंडवाना की उत्पत्ति से जुड़ी बातों को अपने परिवार व आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों को गोंडी गाथा जैसे कार्यक्रमों से जोड़ना आवश्यक है, ताकि हमारी संस्कृति, संस्कार, रीति-नीति और संविधानिक अधिकार सुरक्षित रह सकें। कार्यक्रम के दौरान समाज के सभी सदस्यों से जिला स्तर पर सहयोग प्रदान करने की भी अपील की गई।

