रायपुर

संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन, लंबित मांगों के पूरा नहीं होने के कारण 22 जुन को आरक्षित वर्ग कर्मचारी सामूहिक अवकाश में रहेंगे

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 
संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) (भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) तथा अनुच्छेद 19(1)(b) (शांतिपूर्वक एकत्र होने का अधिकार) के अंतर्गत शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार के तहत हमारे द्वारा वर्षों से रखी गई लंबित मांगों यथा पदोन्नति में आरक्षण एवं राज्य शासन की तरह पदोन्नति की कारवाही, राज्य शासन की तरह ओल्ड पेंशन, ओवर टाइम एवं रात्रि कालीन भत्ता, सी ऑफ नगदीकरण, स्थानांतरण निति 2018, नियमानुसार डी पी सी कमिटी में प्रतिनिधित्व, विभागीय जांच की समय सीमा, कर्मचारी एवं ठेका श्रमिकों की सुरक्षा के साथ प्रशिक्षित सुरक्षा अधिकारी की नियक्ति आदि प्रमुख मांगों को कंपनी प्रशासन द्वारा पूरा नहीं किया गया है। इसके साथ ही, संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन अनुच्छेद 14 एवं 16 के साथ आरक्षण अधिनियम 1994 का उल्लंघन किया जा रहा है।
प्रशासन की तानाशाही व्यवहार, मनमानी, और जनहित को नज़रअंदाज करना हमारी मौलिक अधिकारों के हनन के समान है ।

आप सभी से 22 जून 2026 को सामूहिक अवकाश में सक्रिय भागीदारी की अपील करता हूं। किसी भी प्रकार के दमनात्मक परिपत्र को नजरंदाज कर स्वाभिमान की रक्षा, शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासनिक तानाशाही के प्रति प्रतिरोध करें।  प्रांतीय अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल आरक्षित वर्ग अधिकारी कर्मचारी संघ