शराब दुकानों में ओवर रेट में शराब बेचकर सुपरवाइजर-स्टाफ जी रहे हैं लग्जरी लाइफ, राजधानी में 26 लाख गबन….!!


रायपुर – छत्तीसगढ़ की शराब दुकानों में ओवररेट यानि प्रिंट से ज्यादा कीमत पर शराब बेचने की शिकायतें आम हो गई है ! हर रोज लाखों-करोड़ों के वारे-न्यारे करने वाले इन शराब दुकानों के प्लेसमेंट कर्मचारियों को सीसीटीवी कैमेरे का भी कोई खौफ नहीं रहता ! राष्ट्रबोध की पड़ताल में पता चला कि, शराब दुकान के सुपरवाइजर ओवररेट का विरोध करने पर साफ कहते है जहां जिसे शिकायत करनी है कर लो ! इतना सब करने के बावजूद राजधानी रायपुर की एक शराब दुकान के सुपरवाइजर ने तो सरकारी पैसों का ही गबन कर लिया !
राष्ट्रबोध को मिली जानकारी के अनुसार पंडरी अंग्रेजी शॉप से सुपरवाइजर समेत स्टाफ द्वारा 26 लाख रुपए डकार लेने का भांडा नए अफसर के आने के बाद फूटा ! जिला आबकारी उपायुक्त अरविंद पाटले ने कुछ ही समय पर जिले में चार्ज संभाला है। जानकारी के अनुसार शराब दुकान में महीनों से गड़बड़ी चल रही थी।
ऐसे हुआ खुलासा शराब दुकान में लाखों के गोलमाल का मामला पुरानी प्रभारी सुपि्रया तिवारी के कार्यकाल में सामने आया था। उनकी जगह पदस्थ नई प्रभारी नीलम किरण की पदस्थापना के बाद मामले का खुलासा हुआ। लग्जरी लाइफ से गहराया संदेह पंडरी शराब दुकान में स्टाफ की लग्जरी लाइफ देखकर आबकारी अफसर हैरान हैं। इसके पहले दुकान के एक कर्मी की लग्जरी कार के साथ महंगी खरीदारी और भी पार्टियां करने के बारे में पता चला था। राष्ट्रबोध को मिली जानकारी के अनुसार इस कर्मचारी के बारे में किसी ने आबकारी विभाग के किसी उच्च अधिकारी को भी जानकारी दी। जिसके बाद उच्चस्तरीय निगरानी बिठाने और फिर पुख्ता ऑडिट रिपोर्ट तैयार की गई तो पता चला 26 लाख रुपए की हेराफेरी 6 माह से चल रही थी। इस मामले में आबकारी विभाग संदेह के दायरे में आ गया है ! सवाल यह उठता है कि, अंग्रेजी शराब दुकान की मॉनिटरिंग का जिम्मा संभालने वाले अफसर 6 महीने से गायब हो रही लाखों की रकम की अनदेखी कैसे कर गई ?
पुरे छत्तीसगढ़ में शराब की अंग्रेजी व देशी शराब दुकानों की संचालन का जिम्मा जिन प्लेसमेंट एजेंसी के सुपरवाइजरों के के हाथों में है वे हजारों की पगार के लिए लाखों का बांड भरकर देते है ! जाहिर तौर पर ओवररेट की तगड़ी कमाई और सरकार को चुना लगाने के लिए वे लाखों का जुआ खेल जाते है ! शराब दुकानों के बाहर लगी बेतरतीब भीड़ से कोरोना के खतरे को अनदेखा कर ये गोरखधंधा बदस्तूर जारी है !
