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ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों के लिए बड़ी खबर ! सरकार ला रही है नए नियम

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज

ई-कॉमर्स कंपनी जैसे अमेजन, फिल्पकार्ट पर नज़र रखने के लिए एक नियामक (रेगुलेटर) बनाएगी. ई-कॉमर्स पॉलिसी के ड्राफ्ट में इसका प्रावधान किया गया है. सरकार इसे अंतिम रूप दे रही है. इसे जल्‍द ही सार्वजनिक किया जाएगा.

अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए सरकार नए नियम लाने जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेजन, फिल्पकार्ट जैसी कंपनियों को एक तय अवधि में ऑडिट कराना होगा. साथ ही सेक्‍टर पर नजर रखने के लिए एक नियामक (रेगुलेटर) बनेगा. ई-कॉमर्स पॉलिसी के मसौदे में इसका प्रावधान किया गया है. सरकार इसे अंतिम रूप दे रही है. इसे जल्‍द ही सार्वजनिक किया जाएगा. अंग्रेजी के बिजनेस अखबार इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर में बताया गया है कि ई-कॉमर्स पॉलिसी के ड्राफ्ट में साफ कहा गया है कि अगर सरकार ई-कॉमर्स कंपनियों से कोई ब्‍योरा देने को कहती है, तो उन्‍हें 72 घंटों के अंदर इसे उपलब्‍ध कराना होगा. ऐसा नहीं करने पर उन्‍हें पेनाल्‍टी देनी होगी. ईटी ने इस ड्राफ्ट को देखा है.

जानिए नए नियमों के बारे में…

(1) इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, सरकार का फोकस ई कॉमर्स को बढ़ावा देने पर है. इसीलिए ग्राहकों का डेटा विदेश में स्‍टोर करने वाली कंपनियों को समय-समय पर ऑडिट कराना होगा.
(2) डेटा लोकलाइजेशन से दूरी बनाने की कोशिश की गई है. इस तरह पिछले साल के ड्राफ्ट से यह अलग है. तब विदेश में यूजर का डेटा स्‍टोर करने पर सख्‍त नियंत्रण लगाने की मांग की गई थी.

(3) नई ड्राफ्ट पॉलिसी में सेक्‍टर के लिए एक रेगुलेटर का प्रस्‍ताव किया गया है. साथ ही ई-कॉमर्स कानून बनाने के लिए कहा गया है. ये कानून सूचनाओं के भंडारण, इनके इस्‍तेमाल, ट्रांसफर, प्रोसेस और विश्‍लेषण को लेकर इन कंपनियों पर अंकुश लगाएंगे.

(4) ये सरकार को देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली किसी ई-कॉमर्स कंपनी की गतिविधि के खिलाफ समीक्षा, जांच और कार्रवाई करने का भी अधिकार देंगे.

(5) नई ड्राफ्ट ई-कॉमर्स पॉ‍लिसी को उद्योग एवं आंतरिक व्‍यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) अंतिम रूप दे रहा है. सभी पक्षों के सुझाव लेने के बाद इसे सार्वजनिक किया जाएगा. इसके बाद लोगों से इस पर प्रतिक्रिया ली जाएगी.

(6) नई ड्राफ्ट पॉलिसी उन विक्रेताओं को ऑनलाइन के दायरे में लाएगी जो अभी ऑफलाइन हैं. इसके लिए उन्‍हें कंप्‍यूटराइजेशन और डिजिटल पेमेंट की व्‍यवस्‍था अपनाने के लिए मदद दी जाएगी.