जपकसा जंगली हाथियों का उत्पात, गांव में घुसकर बछड़े को कुचला, कई मकान तोड़े, रात भर जगवारी करने पर मजबूर हुए ग्रामीण
By: जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण
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बस्तर के भानुप्रतापपुर के जंगल से डौंडी में लौटे हाथी अब बेकाबू हो गए हैं। बस्ती में उपद्रव मचाना शुरू कर दिया है। ग्राम जबकसा में दो घरों को तोडऩे के बाद रात में भी एक पक्के मकान के दरवाजे को तोडऩे का प्रयास किया।
बालोद . बस्तर के भानुप्रतापपुर के जंगल से डौंडी में लौटे हाथी अब बेकाबू हो गए हैं। बस्ती में उपद्रव मचाना शुरू कर दिया है। ग्राम जबकसा में दो घरों को तोडऩे के बाद शनिवार की रात में भी एक पक्के मकान के दरवाजे को तोडऩे का प्रयास किया। एक उग्र दंतैल ने बछड़े पर भी अपने दांत से हमला कर दिया और पैरों से कुचल दिया। जिससे बछड़े की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद ग्रामीण दो रात से सो नहीं पा रहे हैं। वहीं वन विभाग की चिंता बढ़ गई है। जंगल से लगे कच्चे घर वाले परिवार को पक्के मकान और स्कूल भवनों में शरण दी गई है। इसके अलावा 8 गांवों में हाई अलर्ट कर दिया गया है। ग्रामीणों के संयमित रखने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं हाथियों के उत्पात से उनमें भय भी है।
अफसरों को समझ नहीं आ रहा क्या करें
हाथियों के उत्पात के बाद वन विभाग दुर्ग रेंज की सीसीएफ शालिनी रैना एवं डीएफओ सतोविशा समाजदार सहित वन विभाग के अधिकारियों का लगातार दौरा चल रहा है। ग्रामीणों को समझाया जा रहा है कि वे फसल की चिंता नहीं करें। नुकसान का मुआवजा मिलेगा। ग्रामीण सहयोग भी कर रहे हैं, लेकिन अफसरों को समझ में नहीं आ रहा है कि वे क्या करें।
इन गांवों को किया हाई अलर्ट
वन विभाग भी लगातार प्रभावित ग्रामीणों की मदद कर रहा हैं। खतरे को देखते हुए वन विभाग ने जबकसा, लिमऊडीह, खुर्सीटिकुर सहित आठ गांवों में हाई अलर्ट कर दिया है। लगातार मुनादी भी की जा रही है। जंगल से लगे कच्चे घरों में रहने वालों को वहां से हटा दिया गया है। वन विभाग के मुताबिक आठ गांव के लगभग 25 परिवार को स्कूल या फिर दूसरे के पक्के मकानों में ठहराया गया है।
रात में घुसकर रहे गांवों में
डौंडी वन विभाग के रेंजर पुष्पेंद्र साहू ने बताया कि हाथी दिन में जंगल में ही रहते हैं। रात में गांव में घुसकर हमला करते हैं। कुछ घरों को भी तोड़ा है। एक बछड़े को कुचल कर मार डाला। बछड़े शरीर में हाथी के दांत के चार जगह निशान हैं। ऐसा लग रहा है बछड़े को हाथी अपने दांत से उठाकर पटक दिया और पैर से कुचल दिया।
वन विभाग की पहरेदारी में ग्रामीण गांव से लगे खेतों में कर रहे धान की कटाई
हाथियों के उत्पात को देखते हुए ग्रामीण खेत जाने से घबरा रहे हैं। वन विभाग ने भी मना किया है कि जंगल से लगे खेतों में न जाएं। हालांकि गांव से लगे खेतों में वन विभाग की पहरेदारी के बीच फसल की कटाई किसान कर रहे हैं।
छत पर थे ग्रामीण, रातभर नहीं सोए
जब से हाथियों के दल ने जबकसा में घरों को तोड़ा और फिर बछड़े का मार डाला इसके बाद से ग्रामीण दहशत में हैं। शनिवार की रात्रि कई ग्रामीणों ने छत पर रात गुजारी, लेकिन सो नहीं पाए। ग्रामीणों के मुताबिक देर रात हाथियों की चिंघाड़ से घबरा गए। वन विभाग के कर्मचारी व अधिकारी भी सो नहीं पाए।
