डौडी पटाखा फोडऩे से गुस्साए हाथियों ने वन विभाग के चौकीदार को कुचला, दो कर्मी बाल-बाल बचे
By: जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज
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डौंडी के ग्राम खुर्सीटिकुर के जंगल में हाथियों के दल ने ड्यूटी कर रहे वन विभाग के तीन कर्मचारियों पर हमला कर दिया। दो जान बचाने में सफल रहे।
बालोद/डौंडी. डौंडी के ग्राम खुर्सीटिकुर के जंगल में हाथियों के दल ने ड्यूटी कर रहे वन विभाग के तीन कर्मचारियों पर हमला कर दिया। दो जान बचाने में सफल रहे। वहीं वन विभाग के चौकीदार बृजलाल पिता कंगालू राम (45) निवासी ग्राम साल्हे को एक हाथी ने पैरों से कुचल दिया, जिससे उसका हाथ टूट गया। पैर में भी चोटें आई है। घटना के बाद जैसे-तैसे कर्मचारी की जान बची। उसे तत्काल संजीवनी 108 से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डौंडी पहुंचाया गया। जहां प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
अंतिम संस्कार के लिए गए ग्रामीणों ने फोड़े थे पटाखे
डीएफओ सतोविशा समाजदार ने बताया कि बुधवार को शाम 4 बजे करीब ग्राम खुर्सीटिकुर में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। शव को परिजन व ग्रामीण जंगल में दाह संस्कार करने ले गए। अंतिम संस्कार की तैयारी थी। उसी जंगल मे हाथियों का दल भी था। दल ग्रामीणों के पास दौड़ते आ रहा था, तभी ग्रामीणों ने हाथियों को भगाने पटाखे फोड़े, जिसके बाद हाथी ग्रामीणों को दौड़ाने लगे। इस घटना के बाद तो अंतिम संस्कार कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण भी डर की वजह से वापस चले गए। वन कर्मचारियों की अलग-अलग प्वाइंट में ड्यूटी लगाई गई थी। जिसमें बृज लाल की भी ड्यूटी लगी थी। हाथियों का दल जब दौड़ाने लगा तो वह भी भाग रहा था तभी हाथियों के चपेट में आ गया।
डीएफओ ने बताया कि हाथियों के हमले से वन कर्मी घायल जरूर हुआ है, लेकिन उसका स्वास्थ्य ठीक है। जिला अस्पताल में बेहतर इलाज जारी है। हमने ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। गांव में मुनादी भी करा दी है। जंगल की ओर जाने से मना करा दिया है। यही नहीं वन विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी भी ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए लगाई गई है।
वन विभाग ने जारी किया अलर्ट
वन विभाग के मुताबिक यह घटना बुधवार शाम 4 बजे की है। इसके बाद खुर्सीटिकुर से लगे जबकसा, लिमऊडीह, सुरडोंगर सहित अन्य गांवों में दहशत है। हाथी प्रभावित इन गांवों में वन विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल हाथियो का दल अभी तक मकान व खेतों की फसल को ही नुकसान पहुंचा रहे थे। अब लोगों पर हमला शुरू कर दिया है।
एक माह से डौंडी के जंगल में हंै हाथी
भानुप्रतापपुर से पटाखे फोड़कर हाथियों के दल को वापस बालोद के जंगल मे भेजा गया है। हाथियों का दल अब जबकसा, लिमऊडीह सहित आसपास के जंगल में हैं। लगभग एक माह से दल जंगल में विचरण कर रहा है। हाथियों के मकान तोडऩे, फसल नुकसान की घटना से ग्रामीण दहशत में हैं।
