डौंडी जंगल में फिर लौटा हाथियों का दल, गांव में घुसकर मचाया जमकर उत्पात, मकान तोड़कर खा गए 1.80 लाख का धान
By: जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज
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पिछले महीने डौंडी फॉरेस्ट क्षेत्र में आकर धान व अन्य फसलों को तबाह कर धमतरी क्षेत्र में लौट चुका 22 सदस्यीय चंदा हाथियों का दल फिर डौंडी के जंगल में वापस आ गया है।
बालोद/डौंडी. पिछले महीने डौंडी फॉरेस्ट क्षेत्र में आकर धान व अन्य फसलों को तबाह कर धमतरी क्षेत्र में लौट चुका 22 सदस्यीय चंदा हाथियों का दल फिर डौंडी के जंगल में वापस आ गया है। रविवार रात को ग्राम सुरडोंगर और डौंडी मुख्यालय के नजदीक ग्राम कांडे के रिहायशी इलाके में हाथियों के दल ने जमकर उत्पात मचाया। ग्राम कांडे के किसान शांताराम मरकाम के मकान को हाथियों ने तोड़ दिया। वहीं मिंजाई कर रखे करीब तीन ट्रेक्टर धान से भरपेट भोजन किया। जिसकी सरकारी अनुमानित लागत करीब 1 लाख 80 हजार रुपए है। फिर ग्राम के ही शंकर साहू का गेट पर्दा, एक सोफा सेट को तोड़ दिया।
वन विभाग को खबर तक नहीं लगी
ग्राम की कुछ बाडिय़ों में गन्ना व खेतों में लगी अरहर की फसल को हाथियों ने रौंद दिया। ग्रामीणों के अनुसार इस दौरान हाथियों का दल गांव में आराम से घूमते रहा। वहीं हाथियों आवाज सुनकर ग्रामीण रातभर घर के बाहर पहरा देते रहे। हाथियों को देख दहशत में आए ग्रामीणों का कहना है कि वे सुबह तक हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख अपनी हिफाजत करते रहे। कांडे की महिला सरपंच चंद्रलेखा पायला ने बताया कि उनके क्षेत्र में हाथियों के आने की कोई जानकारी या मुनादी वन विभाग ने नहीं कराई। जिसके चलते वे स्वयं रतजगा कर सुबह क्षति का आंकलन करने विभाग की बाट जोहते रहीं, लेकिन सुबह 10 बजे तक विभागीय भूमिका शून्य रही।
रेंजर ने ग्रामीणों का फोन नहीं किया रिसीव
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के आने की खबर डौंडी फॉरेस्ट के रेंजर को बार-बार फोन पर दी गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। हालांकि बाद में नायब तहसीलदार विनय देवांगन, पटवारी व क्षेत्रीय डिफ्टी रेंजर के साथ बीडगार्ड ने आकर मुआयना किया। बहरहाल हाथियों का दल डौंडी क्षेत्र के नजदीक रिहायसी इलाका में आने से आसपास के ग्रामीण डरे सहमे हैं। वन विभाग के कर्मचारी अब मुनादी व लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
