मनोरंजन

छत्तीसगढ़ के क्रांतिवीर वीर नारायण सिंह जी पर बन रही फिल्म का पहला टीज़र दिनांक 26 मार्च 2021 को रिलीज़ किया जा रहा है।

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज

सिंहदेव स्वास्थ्य मंत्री मुख्य अतिथि होंगे।

फिल्म का निर्माण राकेट रेज़ के दवारा किया जा रहा है, फिल्म का निर्देशन अविनाश बावनकर कर रहे हैं जिसमें वीर नारायण सिंह की भूमिका में आर्यपत्र इंट्रोइयूज ही रहे हैं।

आर्यपुत्र बताते हैं की छत्तीसगढ़ में प्रारंभिक शिक्षा के बाद इन्जिनीरिंग ग्राजुएशन के लिए वे नागपुर और पुणे चले गए किन्तु फिल्मस और एक्टिंग के प्रति उनका लगाव बना रहा और अपने इसी शौक को कॉलेज थियेटर में एक्टिंग और विभिन्न फंक्शन्स के दवारा परा करते थे, फॅमिली का बिजिनेस बैकग्राउंड होने के कारण वे जल्द ही फॅमिली बिजिनेस को ज्वाइन कर लिया और सफल बिजिनेस मैन के रूप में स्वयं को स्थापित भी किया किन्तु एक्टिंग के प्रति उनका जूनून उन पर बना रहा और उनकी इसी जुनूनी चाहत ने उनकी राह स्वतः ही बनायीं और एक विदेशी बिजिनेस टूर के दौरान फ्लाइट में उनकी मुलाकात श्री अविनाश बावनकर से हुई जो एक म्यूजिक विडियो के शूट करके थाईलैंड से लौट रहे थे, छत्तीसगढ़ के दोनों युवको की विदेशमें हुई मित्रता आज छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े नायक श्री वीर नारायण सिंह के फिल्म के रूप में तैयार हो रही है।

अविनाश बावनकर रायपुरसे ही हैं और वे बताते हैं की वे बचपन से वीर नारायण सिंह की कहानिया सुनते आ रहे थे जो उन्हें बहोत रोमांचित करती थी, खासकर जब वे रायपुर के जयस्तंभ चौक से गुजरते तो उनको यह स्थल वीर नारायण सिंह के सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाते हुए 1857 के काल में ले जाया करता था, अपने ग्राजुएशन के बाद अविनाश बावनकर ने फिल्म निर्माण को अपने करियर के रूप में चुना और 2004 में नोएडा से फिल्म निर्माण की प्रारंभिक शिक्षा लेकर मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में काम करते रहे और इस दौरान उन्होंने फिल्म निर्माण के विभिन्न आयामों जैसे फीचर फिल्म, सीरियल, डाक्यूमेंट्री फिल्म्स, म्यूजिक वीडयो आदि पे काम करते रहे. श्री अविनाश फिल्म डायरेक्शन के अलावा कैमरा और एडिटिंग जैसे टेकनीकल विषय पर भी अच्छी पकड़ रखते हैं, अब वेछत्तीसगढ़ में भी गत वर्षों से वे फिल्म निर्माण कर रहे हैं। अविनाश बताते हैं की आर्यपुत्र के साथ इस विषय पर लॉक डाउन के समय से काम करना शुरू किया और 10 महीने लम्बे रिसर्च के बाद स्टोरी फिनिश किया। लॉक डाउन के दौरान श्री अविनाश कोरोना महामारी के बचाव और रोकथाम के लिए अनेको ad films और documentry फिल्म्स बनाने के दौरान छत्तीसगढ़ के अनेको स्थलों में जाने के मौके को इस फिल्म के रिसर्च में भी बदला और इस दौरानअनेको लेखको, पत्रकारोंऔर वीर नारायण सिंह जी के वंशजो से भेंट वार्ता होती रही। फिल्म लेखन में अविनाश बावनकर के साथ श्री रुपेश कुमार भी रहे जिनकी जोड़ी ने गत वर्षों से अपने फिल्मो के माध्यम से कांस सहित अनेको अंतराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवो में छत्तीसगढ़ का

प्रतिनिधित्व किया आर्यपुत्र बताते हैं की छत्तीसगढ़ में कहानियों का अम्बार है और कुछ विषयो पर अभी से काम भी शुरू कर चुके हैं वे बताते हैं की वीर नारायण सिंह बैटल ऑफ़ सोनाखान फिल्मके माध्यम से