दुर्भावनावश अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारी कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से निलंबन किया जाना गलत
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज
अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ जिला राजनांदगांव की विशेष सम्मेलन राजनांदगांव के कंवर समाज भवन में संघ के प्रांताध्यक्ष श्री आर.एन. ध्रुव, संघ के जिला संरक्षक श्री सीएल चंद्रवंशी एवं संघ के जिला अध्यक्ष श्री लेख राम मात्रा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। बैठक में आदिवासी समाज को मिलने वाले संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई । बैठक में मुख्य रूप से आरक्षण को बचाने हेतु रणनीति, फर्जी जाति प्रमाण पत्र से नौकरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई, पदोन्नति में आरक्षण, कॉलेजियम सिस्टम समाप्त कर सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट एवं न्यायिक सेवा में न्यायाधीशों की भर्ती यूपीएससी पेटर्न पर न्यायिक सेवा के माध्यम से करने की मांग जिससे अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग को सुप्रीमकोर्ट, हाईकोर्ट में जनसंख्या के अनुपात में न्यायाधीश बनने का अवसर मिल सके। सूचना के अधिकार के तहत सभी जिलों के सभी विभागों में आरक्षण रोस्टर की जानकारी ,जिसमें स्थापना के कुल पद, रिक्त पद,बैकलॉग पदों की जानकारी हासिल किया जा सके। शासन के स्पष्ट दिशा– निर्देश के बावजूद दुर्भावनावश अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारी कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से निलंबन किया जाना गलत है। ऐसे पीड़ित अधिकारी कर्मचारियों को तत्काल बहाली की मांग को लेकर संगठन ठोस उचित कदम उठाएगी। सर्वसम्मति से समाज के अधिकारी कर्मचारियों को न्याय दिलाने , संवैधानिक हितों की रक्षा हेतु सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक चौतरफा लड़ाई लड़ने का निर्णय लिए। बैठक का संचालन श्री दिनेश कोरेटी द्वारा किया गया। आभार प्रदर्शन महासचिव श्री हेमंत सलामे द्वारा किया गया। बैठक में संघ के श्री टामेश्वर ठाकुर, देव सिंह अमेला, रेवाराम चंद्रवंशी , संजय शोरी, रोम सिंह मंडलोई ,डेविड कुमार भूआर्य, ईश्वर लाल चंद्रवंशी , प्रेमलाल ताराम, लालदेव ताराम, एनआर सूर्यवंशी, कलाराम फुलकुवर, खेलन सिंह ठाकुर, राजेश मंडावी, आरआर चंद्रवंशी, ए आर कारी हरपाल ,अलेन राम ठाकुर, आनंदी राम रावते, श्रीमती सुशीला नेताम, हीराराम कवर, रतिराम राणा ,हरीश कश्यप, चंद्रशेखर उईके, जयचंद , देवसाय सलामे,श्रीमती अमृता सलामे, धनुष राम कंवर, संजीव कुमार चंद्रवंशी, रवि कुमार चंद्रवंशी, योगेश कुमार कोर्राम, एस एल ओडमरिया, संतोष ठाकुर, एन.के. मंडावी, महेश कोर्राम, रमेश कुमार नेताम सहित बड़ी संख्या में अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

