छत्तीसगढ़

इटवा (मस्तुरी) में मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज़ 
इटवा (मस्तुरी) में मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस…..

विश्व आदिवासी दिवस यूँ तो मनाया जाता है ९ अगस्त के दिन लेकिन अब यह पारंपरिक आदिवासी मेला मड़ाई की तरह अपने समय – सुविधा के अनुसार अलग अलग तिथियों में मनाया जाने लगा है. २० अगस्त रविवार के दिन मुझे चार अलग अलग जगहों से आमंत्रण था. बड़े साजपाली (भटगावं), पामगढ़, इटवा (मस्तुरी) और कसडोल. बड़े साजापाली और पामगढ़ के आयोजको से क्षमा याचना करते हुए समय पर पहुँच पाने में असमर्थता जताई. और इटवा में देव पूजन कर कसडोल के आयोजन में सम्मिलित होने का प्लान बनाया. कसडोल जाने का एक मुख्य कारण यह भी था कि वीर भूमि सोनाखान और कुर्रुपाठ क्षेत्र के माटी को माथे पर लगा सकूँ. कई दिन पहले कसडोल का आमंत्रण मिल गया था. मुख्य अतिथि श्री अकबर राम कोर्राम को लेकर आने की जिम्मेदारी भी मुझे दी गई थी. कसडोल जाने के नाम पर जीवनसंगिनी भी उत्साहित थीं. रविवार के दिन भी अनुकूल रहता है इसलिए वे भी साथ थीं. .
इटवा के कार्यक्रम के लिए अल्प समय ही बचता था. इसलिए देव पूजन और दिवंगत रघुनन्दन सिंह जगत को श्र्द्धा सुमन अर्पित कर उपस्थित सम्मानित सगाजनो और साथियों को संक्षिप्त उद्बोधन कर आयोजक साथियों से क्षमा याचना के साथ विदा ली, और कसडोल के लिए रवाना हो गए. साथ में अमृत लाल मरावी और राजेन्द्र मरकाम भी थे.