छत्तीसगढ़

चार बर्ष से प्रधानमंत्री आवास, डायवर्सन, नामान्तरण इत्यादि का लाभ नजूल क्षेत्र में नहीं, जमीन की खरीदी बिक्री पर भी लगी रोक । छ.ग. अजा. सलाहकार परिषद की सदस्य विलास ने समस्यों को दूर करने मुख्यमंत्री से किया गया।

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज़ 

नवगठित जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के जिला मुख्यालय सारंगढ़ में विगत चार वर्षों से आज पर्यन्त तक नजूल क्षेत्र के नागरिकों के भूमि का ना तो नामान्तरण डायवर्सन हो पा रही है और ना ही खरीदी-बिक्री हो पा रही है, जिससे इस क्षेत्र के नागरिकों को प्रधानमंत्री आवास का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस समस्या को देखते हुए सारंगढ़ नजूल सर्वे का सिंगल प्रोजेक्ट पास हुआ था तथा ड्रोन कैमरे से सर्वे भी 1. जिसके हुआ, लिए रायपुर की विशेष टीम सारंगढ़ क्षेत्र में आयी थी. इसके बाद स्पॉट सर्वे भी हुआ परन्तु आज चार साल में भी स्थानीय अधिकारियों की निष्क्रिया के कारण इस समस्या का निराकरण नहीं हो पाया है। इसी प्रकार की एक विकट समस्या सारंगढ़ मुख्यालय के गोमर्डा अभ्यारण्य, जो सारंगढ़ और रायगढ़ दोनों ही जिले का एकमात्र वन्य अभ्यारण्य क्षेत्र है, में विगत 24 वर्ष पूर्व से टायगर प्रोजेक्ट बनाने के नाम से जमीन की खरीदी बिक्री पर रोक लगी है, जिससे इस क्षेत्र के 28 गाँव के लोग प्रभावित हैं, और ना ही खरीद सकते हैं, हालाकि वर्तमान में उक्त टायगर प्रोजेक्ट तो निरस्त हो गया परन्तु उक्त क्षेत्र की भूमि की खरीदी बिक्री पर रोक यथावत है, जिससे इस क्षेत्र के नागरिक भारी परेशान हैं। उक्त समस्याओं को शीघ्र दूर करने की मांग विलास तिहारू सारथी सदस्य छ.ग. अजा. सलाहकार परिषद व जिला पंचायत सदस्य ने छ.ग. अजा सलाहकार परिषद के अध्यक्ष व छ.ग. प्रदेश सरकार के मुखिया भूपेश बघेल से किया है।