मनीष कुंजाम के सुपुत्र हिमांशु कुंजाम ने भारत के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डाॅ. डी. वाय. चन्द्रचूड़ जी के हाथों से मास्टर ऑफ लाॅ (LL.M) का डिग्री प्राप्त किया।
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
देश में रैंक में नम्बर वन लॉ विश्वविद्यालय नेशनल लाॅ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी(NLSIU) बैंगलोर में दीक्षांत समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ के सुकमा जिला का निवासी पूर्व विधायक मनीष कुंजाम के सुपुत्र हिमांशु कुंजाम ने भारत के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डाॅ. डी. वाय. चन्द्रचूड़ जी के हाथों से मास्टर ऑफ लाॅ (LL.M) का डिग्री प्राप्त किया।
सुकमा! भारत का नम्बर वन भारतीय राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय बैंगलोर जहाँ कानून की पढ़ाई करने वाले उत्कृष्ट छात्रों का चयन होता है, यह विश्वविद्यालय में क्लैट की परीक्षा में टाॅपर छात्रों का ही चयन होता है। वर्ष 2022 को क्लैट परीक्षा देकर नेशनल लाॅ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी बैंगलोर मे चयन हुआ था । एक वर्षीय एलएलएम की डिग्री की पढ़ाई पूर्ण कर दिनांक 22 सितम्बर 2024 को नेशनल लाॅ विश्वविद्यालय बैंगलोर में आयोजित दीक्षांत समारोह में पहुंचे कुलाधिपति (Chancellor) भारत के मुख्य न्यायाधीश डाॅ. डी.वाय चंद्रचूड जी के हाथों से मास्टर ऑफ लाॅ (LL.M.) की डिग्री प्राप्त किया।
ऐसे बहुत ही कम लोग है कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के व्दारा सम्मानित होते है, इससे बड़ी गरिमा लॉ के विद्यार्थी के लिए और कुछ हो ही नहीं सकता।
यह सुकमा ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ प्रदेश के लिए गौरव की बात है, इस नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी बैंगलोर में पूरे भारत देश से LL.M. के लिए 100 बच्चे ही चयन होते है । कॉलेज में हर स्ट्रीम से छत्तीसगढ से पूर्व में या फिर वर्तमान में शायद गिनती के 8-9 बच्चो चयन होते है, और LL.M. में 2-3 बच्चो का ही चयन हो पाता है ।अन्यथा ना के बराबर छत्तीसगढ से चयन होते है, इसमे से एक हिमांशु कुंजाम है ,जो उस यूनिवर्सिटी में चयन होकर मास्टर ऑफ लाॅ की उपाधि हासिल कर भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डाॅ. डी.वाय. चंद्रचूड के व्दारा सम्मानित हुआ।

