छत्तीसगढ़

दिनांक 07.10.2023 राष्ट्रीय चिल्हीडार महापूजा एवं बेटा जवतिया महाव्रत

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज़ 

दिनांक 07.10.2023 को क्वांर मास अंधियारी पक्ष अष्टमी के पावन अवसर पर गौरवशाली गोंडवाना राजवंश के ऐतिहासिक नगरी, मामा भांचा, कुलेश्वर महादेव एवं तीन नदियों का महासंगम स्थल राजिम मेला ग्राउंड, जिला गरियाबंद, छत्तीसगढ़ में गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति एवं छ.ग. गोंडवाना संघ के संयुक्त तत्वावधान में परम् श्रद्धेय गोंडवाना गुरूददा, गुरूदाई जी के सानिध्य में प्रकृति सम्मत अनादिकाल से चली आ रही रूढ़िजन्य प्रथा परंपरा (सांस्कृतिक विरासत) को अक्षुण्ण बनाये रखने, समाज को संगठित कर सहयोगात्मकभाव से विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के उददेश्य से बड़े ही हर्षोल्लास के साथ ” राष्ट्रीय चिल्हीडार महापूजा एवं बेटा जौतिया महाव्रत ” का कार्यक्रम भव्य आयोजित किया गया है।

उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि- मान. गुरूदाई दुलेश्वरी सिदार जी (अध्यक्ष जनपद पंचायत पाली जिला कोरबा ) प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगी ।

इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, उड़ीसा, झारखण्ड इत्यादि राज्यों से सामाजिक प्रतिनिधिगण सहित लाखों की संख्या में समाजजन उपस्थित रहेंगे।

यह मूलतः प्रकृति की सेवा है। इस व्रत को मातृशक्तियों आस्था विश्वास के साथ 24 घंटे निर्जला व्रत रहकर पूर्ण करती हैं।

मातायें 6 दिन तक अपने अपने घरों में भोजली माता की सेवा, सातवें दिन भोजली माता को एकत्रित कर, चिल्हो माता के साथ सामूहिक रूप से सेवा अर्जी तथा प्रातः सरोवर स्नान के साथ जवतिया धारण करती हैं।

चिल्ही एक विशेष बहुगुणी वृक्ष का नाम है, जिसे समाज के पंडा, पुजेरी या गायता द्वारा 01 दिन आमंत्रण दिया जाता है एवं उसकी डंगाल को पूरे सम्मान के साथ देव स्थल पर स्थापित व रात्रि जागरण कर सेवा अर्जी की जाती है।

इस दौरान समाज को विश्व कल्याण के लिए धर्म गुरू पहांदी पारी कुपार बाबा लिंगों जी के बताये दिव्य संदेश-प्रकृति संतुलन के सिद्धांत, टोटामिक व्यवस्था का संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया जाता है।

मातायें व उपस्थित समाज अपने ईष्ट देवी देवताओं से घर परिवार बाल बच्चों की रक्षा सुरक्षा, सुख समृद्धि व मनोकामना की पूर्ति के लिए निवेदन करते हैं।

परम् श्रद्धेय गुरूददा जी द्वारा इस धार्मिक सांस्कृतिक महापर्व के माध्यम से पूरे विश्व में सुख शांति, मानवता, मित्रता, सहयोग एवं लोक कल्याण का संदेश जाता है।