प्रकरण था चैताराम पिता रामा गोंड की ग्राम लौदा की ७२ डिसमिल दो फसली जमीन को गैर आदिवासी बसंत कुमार पिता दुलारी राम साहू को विक्रय
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज़
सर्व आदिवासी समाज जिला बिलासपुर ने गत २० मई २०२४ को तहसीलदार पथरिया जिला मुंगेली, के न्यायालय में पेशी में उपस्थिति दी. प्रकरण था चैताराम पिता रामा गोंड की ग्राम लौदा की ७२ डिसमिल दो फसली जमीन को गैर आदिवासी बसंत कुमार पिता दुलारी राम साहू को विक्रय अनुमति. न्यायलय में आवेदक के वकील श्री गेंदले उपस्थित, आपत्ति कर्ता उपस्थित अनावेदक बसंत साहू अनुपस्थित रहे.
संगठन की ओर से जिला अध्यक्ष रमेश चन्द्र श्याम ने स्वयं पैरवी की.
कथित तौर पर आवेदक चैताराम गोंड ने अपनी जमीन गैर आदिवासी को बेचने के लिए आवेदन किया है और अपना वकील लगाया है. लेकिन वास्तु स्थिति है कि गैर आदिवासी साहू ही प्रकरण को वित्तपोषित कर रहा है उसी ने वकील लगाया है. न्यायलय में वकील गैर आदिवासी को जमीन बेचने के लिए (साहू) के पक्ष में और आपत्तिकर्ता चैता गोंड (जमी नहीं बेचने) के पक्ष में पैरवी कर रहे थे.
न्यायलय के बाद कथित आवेदक चैता गोंड के घर भी गए.तब उन्होंने बताया की वकील को फ़ीस उसने नहीं दिया है. श्रवण ध्रुव चक सचिव को (जिन्होंने गैर आदिवासी को जमीन बेचने के लिए अनापत्ति प्रमाण पात्र दिया है) बुलवा कर उनसे भी चर्चा की गई. उन्हें सामाजिक समझाईस दी गई.
वापसी में बीरगांव में परिचित सगाजन के घर में बैठे. वहां ज्ञात हुआ कि ग्राम लौदा सहित क्षेत्र के अपने समाज के लोग संपन्न हैं. लेकिन वे साहू लोगों के लिए काम करते है. गैर आदिवासी लोग आदिवासियों के नाम पर कृषि उपकरण लेते हैं, जमीन का सौदा करते है,पोल्ट्री फ़ार्म खोले हैं. यही बातें दबी जुबान में तहसील कार्यालय में कर्मचारियों ने भी कही थी, और सर्व आदिवासी समाज के पहल और प्रयास की सराहना की थी.
अभियान में जिला अध्यक्ष के साथ अनिल ध्रुव (ASU) बद्री खैरवार संगठन मंत्री युवा प्र. राजा शाह स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता साथ

