छत्तीसगढ़

आदिवासी जमीन के गैरआदिवासीकरण पर छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा जिला इकाई बिलासपुर ने न्यायालय में दर्ज की आपत्ति.

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 

आदिवासी स्टूडेंट यूनियन बिलासपुर के सजग एवं संवेदनशील कार्यकर्ताओं मुंगेली जिले के युवा साथियों के संज्ञान से गोंडवाना गोंड महासभा ने लालपुर थाना तहसील कोर्ट जिला मुंगेली में आपत्ति दर्ज की.
ग्राम कुसुमकूड़ा तहसील लालपुर थाना जिला मुंगेली निवासी श्री दयाराम पोरते पिता जेठूराम पोर्ते द्वारा ग्राम लछनपुर प.ह.नं 15 तहसील लालपुर थाना, जिला मुंगेली स्थित अपने स्वामित्व की भूमि खसरा नं 535 रकबा 0.129 हे. खसरा नं 308/1 रकबा 0.045 कुल रकबा 0.174 हे. भूमि को गैर आदिवासी जागेश यादव पिता अवधराम निवासी ग्राम धोबघट्टी तहसील लालपुर थाना के पास विक्रय की अनुमति दिए जाने हेतु आवेदन किया गया है।
उसी आवेदक ने उसी ग्राम के खसरा न. 525 शामिल 527, 308/1 रकबा क्रमशः 0.288 और 0.045 कुल रकबा 0.333 हे. भूमि को गैर आदिवासी प्रयागराज यादव पिता प्यारेलाल यादव निवासी ग्राम लछनपुर तहसील लालपुर थाना के पास विक्रय की अनुमति दिए जाने हेतु आवेदन किया है।
यानी कि दयाराम पोर्तेजी अपनी लछनपुर गाँव की भूमि को दो अलग अलग गैर आदिवासी यादव क्रेता को विक्रय करना चाते हैं.
आपत्ति दर्ज करने हमारी टोली के सदस्यगण अपने अपने गाँवों से बरसात में रेन कोट पहनकर बिलासपुर पहुंचे और बरसते पानी में ही लोरमी लालपुर थाना के लिए रवाना हुए.लोरमी से मुंगेली रोड में करीबन 15-20 कि.मी. दूर खुडिया नहर के किनारे लालपुर थाना ग्राम पड़ता है. समय पर तहसील पहुँच गए लेकिन तहसीलदार साहब कलेक्टर बैठक में मुंगेली में थे. करीबन एक डेढ़ घंटे प्रतीक्षा के उपरान्त तहसीलदार साहब पहुंचे. तहसीलदार साहब ने आवश्यक और अनावश्यक दोनों पूछताछ की और बेमन से आपत्ति दर्ज कर 23 अगस्त की अगली पेशी की तारीख दी.
आपत्ति दर्ज करने के बाद वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त करने हमारी टीम दयाराम जी के गाँव कुसुमकूडा पहुंची. तंग ग्रामीण सड़क बरसात में कुछ अधिक ही तंग हो गयी थी क्योंकि अगल बगल रोड के सोल्डर कीचड़ कीचड़ हो गए थे. स्थानीय साथियों की वजह से रस्ते पूछने की जरुरत नहीं पड़ी. दयारामजी घर पर ही थे.
कुसुम्कुडा, चंद्रपुर,पुटूपतेरा, लछनपुर राजस्व रिकार्ड में अलग अलग गाँव है हैं लेकिन आपस में लगे हुए हैं, बहरी लोगों को पता नहीं लगता. सभी गाँव की आबादी करीब ७०० है . गोंड समाज हर गाँव में एक दो घर हैं. राठोर / राजपूत समाज की बहुलता और दबदबा है. इन सभी गाँवों को संयुक्त रूप से मुड़घुसरी के नाम से भी जाना जाता है. दयारामजी ग्राम कुसुमकूड़ा में अपने समाज से अकेले परिवार हैं. संपन्न है, १५ एकड़ की खेती है कई सामाजिक पदों पर आसीन हैं. ध्रुव गोंड समाज के अठगवां के अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष दोनों हैं. लोरमी ब्लाक ध्रुव गोंड समाज के भी अध्यक्ष हैं.बुढादेव मंदिर खेकतरा प्लांट के संरक्षक हैं. उन्होंने गर्व से यह बताया कि शिशुपाल सोरी जी ने उन्हें प्रदेश संयुक्त सचिव और रामजी ध्रुव को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया है. बनाया है. संयोग से उनके साथ श्री रामजी ध्रुव भी उपस्थित थे.
दयाराम जी ने `सगर्व यह बताया कि इस क्षेत्र में गोंड समाज में उनसे बड़ा आदमी कोई नहीं है. उन्होने स्वयं अब तक अपने खर्च पर आठ एकड़ आदिवासी जमीन को कलेक्टर से अलग अलग मंजूरी लेकर गैर आदिवासी को बेचा है. अभी राउत पारा के मितनहा भांचा के लिए दो जमीन के मंजूरी के लिए दरखास लगाया है. भांचा के लिए तो काम करना पडेगा न. ये जमीन मितनहा भांचा लोगों ने पन्द्रह साल पहले मरावी परिवार से उनके (दयाराम) नाम पर ख़रीदा है. उन्होंने यह भी बताया कि पहले तो कोटवार के गाँव में मुनादी करवा के पंचनामा सहमति से आदिवासी जमीन गैर आदिवासी को बेच देते थे. अभी तो पेपर में इश्तिहार छपता है. जब हमने यह बताया कि हम उसी दो जमीं के लिए आपत्ति दर्ज कर दिए हैं जिसे वे यादव् जी को बेचना चाहते हैं. तब वे उलाहना देने लगे कि बगल के गाँव बिजराकापा में भी एक जायसवाल ने पांच एकड़ आदिवासी जमीन के मंजूरी के लिए दरखास लगाया है … उसे भी रोको.
ऐसे समाज प्रमुखों से समाज का हित होगा या अहित इस पर दो मत हो सकता है. लेकिन हम इस बात पर पूर्ण सहमत हुए कि उस गाँव को दर्शनीय स्थल और महानुभाव को महात्मा घोषित कर देना चाहिए जिनके दर्शन से हम धन्य हुए.
इस अभियान में रमेश चन्द्र श्याम के साथ सर्वश्री समय सिंह गोंड कार्यकारी जिला अध्यक्ष गोंडवाना गोंड महासभा जिला बिलासपुर, रवि मरकाम, बद्री खैरवार प्रदेश सचिव खैरवार समाज, घनश्याम खुशरो सचिव गोंडवाना गोंड महासभा सीपत क्षेत्र, शिव चरण सिदार कोषध्यक्ष गोंडवाना गोंड महासभा सीपत क्षेत्र, और प्रकाश मरकाम साथ रहे.
श्री अकत सिंह ध्रुव मुंगेली जिला अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति कर्मचारी विकास संघ का विशेष सहयोग रहा.