स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक एवं कर्मचारियो द्वारा शासन को पूर्व मे सूचना दिये बगैर हडताल मे चले जाने से मरीज बेहाल,परेशान
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
आज दिनांक 17.08.2024 को इंिडयन मेडिकल एसोसिएशन के आव्हान पर छत्तीसगढ राज्य के कई चिकित्सक एवं कर्मचारी शासन को बिना किसी लिखित सूचना दिये अचानक अपने शासकीय कार्य पर उपस्थित नही हुए । जबकि किसी भी शासन के अधिकारी /कर्मचारी को हडताल पर जाने से पूर्व लिखित सूचना देना आवश्यक है। विदित हो कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन एक गैर सरकारी संस्था है, इनके आव्हान पर शासकीय चिकित्सक एवं कर्मचारियो का हडताल पर जाना गैरकानूनी है , अचानक हडताल पर चले जाने की बात कहते हुए डाक्टरो के द्वारा मरीजो का आप्रेशन को रोक दिया गया कई जगह आपे्रशन के लिए आये मरीजो को कल ही भगा दिया गया जिससे आम जनता ,मरीज भटकते रहे ,हास्पीटल के ओपीडी समय मे मरीज जांच कराने आये थे उसे भगा दिया जिससे मरीजो को भारी निराश होकर घर लौटना पडा । छ.ग. शासन की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है।
विकास खंड अभनपुर के प्रभारी खंड चिकित्सा अधिकारी एवं गोबरा नवापारा के प्रभारी अधिकारी भी हडताल मे हाने की बात कहते हुए ओपीडी मे आये मरीजो को हडताल की बात कहते हुए भगा दिया गया, जबकि शासन द्वारा इन लोगो को प्रशासनिक अधिकारी के पद पर बिठाया गया है जिसकी जिम्मेदारी है की व्यवस्था कैसे बहाल किया जाना है , जिसे व्यवस्ािा बनाने की जिम्मा सौपा गया है वही अपने कार्य के प्रति लापरवाही बरती गई है। हडताल मे गये अस्पताल प्रभारियों के उपर कडी कार्यवाही किया जाये एवं गैर जिम्मेदार अधिकारियो को त्तकाल पद से हटाया जाये।
हडताल पर गये शासकीय अधिकारी/कर्मचारियो का जांच कराया जाये , बगैर सूचना के कार्य पर अनुपस्थित अधिकारी/कर्मचारियो का अवैतनिक करते हुए कडी अनुशासनात्मक कार्यवाही किया जाये ताकि इस प्रकार का दुस्साहस पुनः करने का प्रयास न कर सके।

