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एनटीपीसी सीपत में 9 अगस्त को मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस… बद्री खैरवार, घनश्याम खुशरो और शिवचरण जगत हुए सम्मानित…

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 

देश में पावर सेक्टर के सबसे बड़े और दक्षता के मामले में सर्वश्रेष्ठ प्रतिष्ठान “महारत्न” दर्जा प्राप्त एनटीपीसी … उसकी एक इकाई सीपत सुपर थर्मल पावर स्टेशन… जहाँ से मैं कार्पोरेट वर्ल्ड से विलग हुआ.. नौकरी के आखिरी तीन वर्ष (२०१२ से २०१५)के दौरान सगा साथियों के आग्रह पर हमने “गोंडवाना समाज NTPC सीपत” का गठन किया.
गोंड समाज नाम इसलिए नहीं रखा कि उसमे कँवर समाज के employee भी साथ आते है. अभी भी संस्थापक संरक्षक का सम्मान देते हैं. ये तो हुआ अपना सगाना संगठन. NTPC ST-SC EMPLOYEES ASSOCIATION, SIPAT का President भी रहा हूँ. चूँकि कार्यक्रम एसटी-एससी एम्प्लाइज एसोसिएशन के तत्वाधान में हो रहा था. इसलिए साथियों ने विशेष आग्रह किया था कि व्यस्तता के बावजूद भी समय अवश्य दें. मई उनके आग्रह को ताल नही सका. इस तरह से मुझे और समय सिंह गोंड जी को विशिष्ठ अतिथी सम्मान दिया गया. मुख्य अतिथि एनटीपीसी सीपत परियोजना प्रमुख विजय कृष्ण पाण्डेय रहे.

एनटीपीसी सदैव अपने सामाजिक दायित्वों को बखूबी निभाता है और उचित समय पर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से उसे प्रदर्शित करता है. इसी तारतम्य में एनटीपीसी सीपत में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया.
एनटीपीसी सीपत में दिन के कार्यक्रम मे सवेरे कालोनी में प्रभात फेरी और वृक्षारोपण किया गया. संध्याकाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम रखा गया था, सका शुभारम्भ का समय शाम 6.00 बजे निर्धारित था सो लिम्हागढ़ के कार्यक्रम में कटौती कर हम सात बजे वहां से विदाई ले लिए थे.
साथियों का विचार था कि एनटीपीसी पहुंचते तक वहां का कार्यक्रम संपन्न हो चूका होगा,… देव किरारी और लिम्हा के आयोजन में सम्मिलिततो हो गए हैं… अतः अब सीधे बिलासपुर वापस चला जाए. लेकिन मेरा और समय सिंह जी का नाम प्रोटोकोल में दर्ज हो गया है और हमारे तीन साथियों को विशिष्ठ समाज सेवी के रूप में सम्मानित किया जाना है इसलिए मैंने आग्रह किया कि कुछ भी हो हमें वहां उपस्थिति देनी है. सो चल पड़े सीपत के लिए. बारिश थम चुकी थी, लेकिन अँधेरा परसने लगा था. हमारे साथ छेदीलाल नेताम जी सहित तीन व्यक्ति साथ में थे. वे अन्दर ही अन्दर जंगल के रास्ते सवा आठ बजे गंतव्य तक पहुंचा दिए.
कार्यक्रम भव्य और विशाल पुर्णतः वातानुकूलित, डिजिटल साउंड सिस्टम युक्त आडिटोरियम “कला निकेतन” में किया गया था. जैसे ही हम लोग मंच की अग्रसर हुए उपस्थित जन समूह ने हर्ष के साथ करतल ध्वनि से स्वागत किया, क्योंकि हम पारंपरिक परिधान में थे. हम लोग बिलकुल सही समय पर पहुंचे थे और समस्त प्रोटोकाल में सम्मिलित हुए. कार्यक्रम का औपचारिक शुभारम्भ मंगल दीप प्रज्वलन और एनटीपीसी गीत से किया गया. उद्बोधन के क्रम में मुनिराज मीना डिप्टी कमान्डेंट सी.आई.एस.एफ़. शिव कुमार कँवर डिप्टी कलेक्टर बिलासपुर, समय सिंह गोंड कार्यकारी जिला अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा, बिलासपुर, रमेश चन्द्र श्याम प्रदेश अध्यक्ष (कार्यकारी) छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा, एवं विजय कृष्ण पाण्डेय जी सीपत परियोजन प्रमुख ने अपने विचार रखे.
सांस्कृतिक प्रस्तुति के क्रम में महिलाओं, बालक बालिकाओं ने पारंपरिक वेश भूषा के साथ छत्तीसगढ़ के संस्कृति को गीतों और नृत्य के माध्यम से प्रदर्शित किया. तत्पश्चात सम्मान एवं प्रशस्ति प्रदान का कायर्य्क्रम चला. सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए तीन व्यक्तियों : सर्वश्री बद्री खैरवार प्रदेश सचिव खैरवार समाज, घनश्याम खुशरो सचिव गोंडवाना गोंड महासभा सीपत परिक्षेत्र, शिव चरण जगत कोषाध्यक्ष गोंडवाना गोंड महासभा सीपत परिक्षेत्र को विशिष्ठ समाज सेवी शील्ड देकर सम्मानित किया गया. सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रतिभागियों तथा समस्त सम्मानित अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया.
सम्पूर्ण कार्यक्रम महारत्न प्रतिष्ठान के गरिमा के अनुरूप सुव्यवस्थित, शालीन और अनुशाषित रहा.. भव्य आडिटोरियम के विशाल मंच से एनटीपीसी के प्रबुद्ध इंटेलिजेंट टेक्नोक्रेट्स को संबोधित करते हुए मुझे ऐसा लग रह था कि मै संयुक्त राष्ट्र संघ के जनरल असेम्बली में हूँ.
कार्यक्रम का समापन शानदार डिनर के साथ हुआ.

एनटीपीसी सीपत द्वारा सर्व आदिवासी समाज को दिए गए महत्त्व और सम्मान के लिए समाज अभिभूत है… आभारी है…