पूर्व सांसद प्रतिनिधि उमेश साहू के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज धमतरीः-सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष जीवराखन लाल मरई,ध्रुव गोंड़ समाज के जिलाध्यक्ष माधव सिंह ठाकुर,तहसील सलाहकार डॉ.ए.आर.ठाकुर,ध्रुव गोड़ समाज के तहसील अध्यक्ष जयपाल सिंह ध्रुव,सतनामी समाज के जिलाध्यक्ष कपिल देशलहरे,शासकीय सेवक संघ के जिलाध्यक्ष आर.एल.देव,बौध्द समाज के पालनहार मेश्राम ने संयुक्त रूप से आंदोलन में शामिल सभी समाज प्रमुख,शासकीय कर्मचारी एवं समाजजनों को धन्यवाद दिया। इसके अलावा धमतरी

बंद में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले व्यापारियों एवं जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन तथा मीडिया को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

वही सोशल मीडिया से प्राप्त एक अखबार में बयान देने वाले पूर्व सांसद प्रतिनिधि उमेश साहू के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है। समाज प्रमुखो ने निंदा प्रस्ताव में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के क्रीमी लेयर(वर्गीकरण) के निर्देश के बारे में उनके व्दारा बयान दिया गया है कि गरीब अनूसूचित जाति जनजाति परिवार को लाभ होगा। उन्होने

अनुसूचित जाति जनजाति के आय सीमा 8 लाख पर बयान दिया है जबकि उन्हें ज्ञान नही कि केन्द्र व्दारा अनुसूचित जनजाति की आय सीमा पहले से ही 2.50 लाख निर्धारित है। आजादी के 70 साल बाद एसटी एससी को 90 प्रतिशत सीटों पर कब्जा एवं यूपीएससी में आईएएस,आईपीएस,मेडिकल व आईआईटी जैसे भर्तियों में 25 प्रतिशत से कम अंक लेकर सीट तथा नौकरी हासिल कर रहे है।
उनके इस बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि कम अंक लाकर विभिन्न पदों एवं सरकारी नौकरियां पा रहे है ऐसी उनकी मानसिकता दिखती है परंतु उन्हे समसामिक ज्ञान,वर्तमान परिस्थिति का ज्ञान नही है। आज अनुसूचित जाति-जनजाति बच्चे 75 प्रतिशत से लेकर 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर आईएएस,आईपीएस,मेडिकल एवं

आईआईटी में स्थान एवं नौकरी पाते है। संवैधानिक ज्ञान उनके पास न के बराबर है और न ही भारत देश में लागू आरक्षण के आधार क्या है उन्हे पता नही। उनका आधा अधूरा ज्ञान यह प्रदर्शित करता है कि वह आरक्षित वर्ग के प्रति भेदभाव की मानसिकता रखते है। आज अनुसूचित जाति जनजाति संयुक्त मोर्चा एवं सभी समाज के व्दारा उनके बयान का खंडन किया जाता है एवं ऐसी ओछी मानसिकता के लोगों को समाज के कार्यक्रमों से बहिष्कृत किए जाने का निर्णय लिया गया है।


