छत्तीसगढ़सामाजिक

गोंड़ समाज का तीन दिवसीय कार्यशाला नेग दस्तुर जन्म , विवाह, मुत्यु, संस्कार

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 

जय बुढ़ा देव, जय सेवा, जय जोहार, छत्तीसगढ़ राज्य में हम गोंड समाज बस्तर, सरगुजा एवं मध्य क्षेत्र में निवासरत है। एक कहावत बरितार्थ है

पग-पग में पानी बदले पग पग वाणी

उसी प्रकार हम गोंड़ों का संस्कार बस्तर में न आस्तीक

है, न नास्तीक वहां गोड़ कोयतुर वास्तविक है। सरगुजा में भी भिन्न-भिन्न व्यवस्था संचालित है ।

सबसे ज्यादा मध्य क्षेत्र अपनी रूढ़ी परम्परा, धर्म, संस्कार को

भुल गये है। इन सभी विसंगतियों को दूर कर सुदृढ़ गोंड़ समाज

को मूल धारा में अपनी रीति-रिवाज, रूढ़ी जन्य परम्परा, धर्म, अपनी संस्कृति, संस्कार को आपस में साझा करने के लिए छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड़ महासभा द्वारा भुमका/गायता/

पुजारी / बैगाओं एवं समाज प्रमुखों हेतु तीन दिवसीय कार्यशाला राजधानी रायपुर स्थित कंवर समाज भवन अय्यपा मंदिर के सामने टाटीबंध रिंग रोड नंबर २ रायपुर में आयोजित हैः-

(1) दिनांक 06-09-2024 शुक्रवार को प्रथम दिवस जन्म संस्कार पर विस्तृत परिचर्चा । (2) दिनांक 07-09-2024 शनिवार को द्वितीय दिवस विवाह संस्कार पर विस्तृत परिचर्चा (नेंग, नत्ता, दस्तुर, परित्याग, विधवा विवाह आदि)

(3) दिनांक 08-09-2024 रविवार को तृतीय दिवस मृत्यु संस्कार पर परिचर्चा।

गोंडवाना का इतिहास एवं देवी देवताओं के संबंध में जानकारी प्रदान करने प्रशिक्षण छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश,

महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों के भुमका, गायता, पुजारी एवं गोंडी संस्कृति के विशेषज्ञों का आगमन हो रहा है। समस्त गोंड समाज के शुभ चिन्तक, विचारकों की उपस्थिति