आदिवासी भूमि के गैर आदिवासी करण के विरोध में आदिवासी समाज…. मस्तुरी तहसील न्यायलय में दर्ज की आपत्ति…..
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
भूपेंद्र पिता पंचराम एवं अन्य 6 हिस्सेदार जाति अनु. ज. जा. निवासी ग्राम जयराम नगर तहसील मस्तुरी जिला बिलासपुर (छ. ग.) द्वारा अपने स्वामित्व और आधिपत्य की ग्राम भेलाई, प.ह. नं 03 तहसील मस्तुरी, जिला बिलासपुर स्थित भूमि खसरा नं 138/3 रकबा 0.344 हे. = 0.85 एकड़ को गैर आदिवासी के पास विक्रय की अनुमति दिए जाने तहसीलदार मस्तुरी जिला बिलासपुर के न्यायलय में आवेदन किया गया है।
आदिवासी स्टूडेंट यूनियन के सजग और समाज के लिय समर्पित कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को संज्ञान में लेकर आपत्ति दर्ज करने की ठानी और अपने स्तर पर पड़ताल की.
इश्तिहार में आवेदक भूपेन्द्र पिता पंचराम ने अपनी जाति अनु.ज.जा. और निवास ग्राम जयराम नगर लिखा है. जबकि जयराम नगर में इस नाम का कोई व्यक्ति निवास नहीं करता है. जहा तक जाति का प्रश्न है, छत्तीसगढ़ राज्य में अनुजजा नाम की कोई जाति नहीं है. इस तरह की गलत जानकारी न्यायलय को भ्रमित करने के लिय दी गई है. अथवा आवेदन भूपेन्द्र ने नहीं किया है बल्कि उसके खेती पर गलत नजर रखने वाले गैर आदिवासी ने किया है तभी जाति अनुजजा तथा निवास ग्राम जयराम नगर लिखा है. .
चूँकि भूमि ग्राम भेलाई की है इसलिए ग्राम भेलाई में पतासाजी करने पर ज्ञात हुआ कि भूपेन्द्र ध्रुव पिता पंचराम ध्रुव भेलाई का निवासी है और बिलासपुर सेन्ट्रल जेल में प्रहरी है. उनसे मोबाईल पर संपर्क नही हो सका. उनसे प्रत्यक्ष भेंट कर जानकारी ली जायेगी.
लेकिन पृष्ठभूमि में कुछ धुंधली तस्वीर उभर रही है. आवेदक भूपेन्द्र ध्रुव डमरू ध्रुव गौंटिया परिवार से तालुक रखता है. दि. डमरू ध्रुव इन पंक्तियों के लेखक के अधीनस्थ एनटीपीसी सीपत का कर्मचारी रहां है. ग्राम भेलाई में एनटीपीसी का ऐश डाईक (राखड डैम) के लिए भूमि अधिग्रहित की गई है. गाँव में अघरिया लोग डमरू के दादा लोगों से मितान बद कर उनकी भूमि हथिया लिए हैं. दादा लोगों के भूमि का राजस्व रिकार्ड में बटवारा नहीं हुआ है. आदिवासी भूमि होने के कारण नामांतरण भी नही हुआ है. डमरू जी बताते थे कि जमीन अधिग्रहण का मुआवजा राशि उनके ही बैंक एकाउंट में जमा हुआ था. वे झोला भर भर कर नगद राशि अघरिया लोगों के घर पहुचाये हैं.
इस तरह से भूपेन्द्र ध्रुव के गैर आदिवासी अघरिया जाल में फंसे होने की संभावना है सो उनके और सामाजिक हित में तहसीलदार मस्तुरी के न्यायालय में आपत्ति दर्ज की गई.
इस आदिवासी जमीं बचाओ अभियान में रमेश चन्द्र श्याम कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड मह्सभा के साथ रहे सर्वश्री प्रेमसागर मरकाम प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, घनश्याम खुशरो सचिव गोंडवाना समाज सीपत उपकेन्द्र, शिव चरण जगत कोषाध्यक्ष सीपत उपकेन्द्र, मनोज जगत, दादूसिंह जगत, पुनीराम मरावी, अनिल कुमार पोर्रते, तिजाऊ राम मरकाम, कृष्णा मरावी, अशोक मरावी, अशोक पोरते.
आदिवासी जमीं बचाएं. क्योंकि जिसकी जमीन नहीं उसकी जात नहीं.
जमीन हमर जजात ए … जमीन हमर जात ए…

