ग्रामीण विशेष

वर्ष 2025-26 के सरकारी बजट का पचपन हजार करोड़ रूपये पर हम आदिवासियों का… अपना हक़-हिस्सा को जाने ….रमेश चन्द्र श्याम

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 
आदिवासी कल्याण संस्थान के सरगुजा संभागीय बैठक… पंडोनगर जिला सूरजपुर में मुख्य अतिथि रमेश चन्द्र श्याम ने अपने उद्बोधन में प्रमुखता से टी.एस.पी. का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2025 -2026 में पचपन हजार करोड़ रूपये आदिवासियों के कल्याण में खर्च किये जाने का प्रावधान है. यह राशि सरकार के सकल बजट के ट्राइबल सब प्लान (आदिवासी उप योजना) के तहत आदिवासियों के प्रदेश में एक तिहाई जनसँख्या के अनुरूप प्रावधानित होता है. प्रदेश का कुल बजट एक लाख पैंसठ हजार करोड़ रूपये है जिसका एक तिहाई हिस्सा पचपन हजार करोड़ रूपये होता है .
अति पिछड़ी जनजाति वर्ग पंडों के सभा को ठेठ छत्तीसगढ़ी बोली में समझाया “राज्य सरकार अवईय्या एक बछर मा … चईत महिना से लेके फागुन महिना तक एक लाख पचास हजार करोड़ रूपिया खर्चा करही. ओमा के एक लाख, एक करोड़, दस करोड़, तक एक करोड़, तक… एक करोड़… दस करोड़… सौ करोड़ नहीं हज्जार… पचपन हज्जार करोड़ रुपिया आदिवासी समाज के कल्यान बर रखे हे. ए गाँव के माटी के घर अऊ खपरा के छान्ही माँ रहइया सगा मन अपन पञ्च, के छान्ही मा रहइया मन अपन पंच सरपंच अउ जनप्रतिनिधि मन ला धरव”.
आदिवासियों के वन अधिकार पट्टा पर गैर आदिवासियों का झपट्टा….
सभा में आये अधिकांश लोगों की समस्या वन अधिकार पट्टा प्राप्त करने से सम्बंधित था. पात्र लोगों को वन अधिकार मान्यता अधिनियम के तहत पट्टा प्राप्त करने में प्रशासनिक सहयोग नहीं मिल पा रहा है. रसूखदार सामान्य वर्ग के लोगों की नजर पीढ़ियों से काबिज आदिवासियों के भूमि पर है. वे लोग ही अड़ंगेबाजी कर रहे हैं. इसके लिए ग्राम / ब्लाक स्तर पर बैठक करने की मांग उठी. गाँव भटगांव विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है
पंडोनगर में २२ नवम्बर १९५२ में आये थे राष्ट्रपति… लेकिन बस्ती में अब भी कच्चे मकान और खपरे के छान्ही तले पंडो के आवास
ये सब बातें पंडोनगर सूरजपुर में आदिवासी महासभा में उजागर हुई. गत 10 मार्च 2025 को पंडोनगर जिला अंबिकापुर में “आदिवासी कल्याण संस्थान” पंजीयन क्र. 5567/15 की बैठक श्री सोनाऊ राम नेताम के अगुवाई रखी गई थी. यह संगठन अखिल भारतीय आदिवासी कल्याण परिषद का राज्य संस्करण है. पंडोनगर पिछड़ी जनजाति… भारत के राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र… संरक्षित … पंडो जनजाति की बस्ती है. पंडो नगर में “राष्ट्रपति भवन” है. जिसे सन 22 नवम्बर 1952 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के सरगुजा प्रवास के दौरान निवास हेतु निर्माण किया गया था. यह भवन शासन द्वारा संरक्षित है. उस समय सरगुजा महाराज रामानुज शरण सिंह उनके साथ थे.
आदिवासी कल्याण संस्थान के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अति पिछड़े पंडो जनजाति के समस्यों से रूबरू होने के लिए ख़ास पंडो नगर का चयन किया था. जिसमें श्रीमती बसंती पंडो सरपंच पंडोनगर सहित क्षेत्र के समाज प्रमुखगण उपस्थित रहे. जिसमें प्रमुख रूप से सर्वश्री कमल सिंह मरावी, वीरपुर, कँवल बिहारी सिंह टेकाम संबलपुर, रघुवर सिंह कोर्राम तुलसी, श्रीमती अंचल टोप्पो संजयनगर, मोहर सिंह उइके राजापुर, डॉ. आजाद भगत सहित महिला समूह ने अपने विचार और सुझाव रखे. श्रीमती सोनीबाई के नेतृत्व में सुवागीत के साथ लोकनृत्य प्रस्तुत किया गया. श्री टोम सिंह के नेतृत्त्व में राजमोहिनी लोक नृत्य दल और गहिरागुरु लोकनृत्य ग्रुप ने मनमोहक प्रस्तुति दी.
संगठन के प्रमुख श्री सोनउ राम नेताम ने संगठन के उद्देश्य के बारे में सभा को अवगत कराया. श्री समयसिंह गोंड कार्यकारी जिला अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा ने अपने बहुमूल्य विचार रखे. श्री तेरनसिंह कोर्राम उपाध्यक्ष एवं श्रीमती कुनी पैकरा ने आयोजन का सम्पूर्ण कार्यभार संभाला. सभा का सफल सञ्चालन तेरन सिंहकोर्राम उपाध्यक्ष एवं श्यामलाल जगत सलाहकार ने की.
सभा की अध्यक्षता बिलासपुर से पहुंचे श्री रमेशचंद्र श्याम प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा ने की. उनके साथ बिलासपुर से सर्व श्री समय सिंह गोंड कार्यकारी जिला अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा, श्याम लाल जगत कार्यकारिणी सदस्य, शिवचरण जगत जिला कोषाध्यक्ष, अनिल ध्रुव प्रदेश संयोजक आदिवासी स्टूडेंट यूनियन (ASU) रहे.