शिक्षक साझा मंच एवं प्राचार्य मंच ने खराब रिजल्ट के लिए संस्था प्रमुख एवं प्राचार्य गण को ही दोषी मानने का किया विरोध
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
संयुक्त संचालक के समीक्षा बैठक में अधिकारियों एवं प्राचार्यों के लिए किए गए अशोभनीय एवं अमर्यादित शब्दों का किया गया विरोध
*प्रभारी प्राचार्य गणों ने सामूहिक इस्तीफे का लिया निर्णय*
विदित हो की शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक राकेश पांडे ने बालक स्कूल में बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट पर जिले के सभी प्राचार्य की कुछ दिवस पूर्व बैठक ली थी एवं इस दौरान उन्होंने अपेक्षाकृत कमजोर परिणाम देने वाले संस्था के प्राचार्यों, विषय शिक्षकों तथा वहां पर उपस्थित जिले के समस्त प्राचार्य गण तथा जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के लिए अशोभनीय एवं अमर्यादित तू, तुम, तड़ाक जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया। इसके अलावा संयुक्त संचालक द्वारा संस्थाओं के खराब परिणाम के लिए सिर्फ संस्था प्रमुख एवं शिक्षकों को ही जिम्मेदार ठहराया गया। परंतु इस दौरान उन्होंने उस संस्था के प्राचार्य गण, विषय शिक्षक गण एवं वहां उपस्थित अन्य प्राचार्य गण तथा उपस्थित जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी गण से धरातल स्तर की व्यवहारिक समस्याओं, उनकी कठिनाइयों तथा उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर सार्थक चर्चा ही नहीं की गई। उनके द्वारा पूर्व से ही धारणा बनाकर खराब रिजल्ट का ठीकरा सीधे-सीधे प्राचार्यगण एवं विषय शिक्षक गणों पर थोपा गया एवं बैठक में विभागीय बैठक की गरिमा के प्रतिकूल उनका असंयमित एवं अमर्यादित व्यवहार रहा जिससे प्राचार्य गण, विषय शिक्षक गण के मान सम्मान तथा उनके द्वारा किए जा रहे हैं प्रयासों को गहरा आघात पहुंचा है। संयुक्त संचालक के इस प्रकार के बेहद गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के लिए शिक्षक साझा मंच जिसमें प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, शालेय शिक्षक संघ तथा प्राचार्य मंच धमतरी के द्वारा कड़ी आपत्ति दर्ज की गई है। पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से विज्ञप्ति जारी कर बताया कि धमतरी जिला शिक्षा विभाग में प्रयोग जिला के रूप में जाना जाता रहा है और विगत शिक्षा सत्र में भी शिक्षा विभाग तथा जिला प्रशासन के द्वारा विभिन्न प्रकार के प्रयोग किए गए जिसका असर बोर्ड परीक्षा के वार्षिक रिजल्ट पर पड़ा है। मिशन अव्वल में विगत वर्ष अधिकारियों के द्वारा रिजल्ट बेहतर आने पर सारा श्रेय जिला प्रशासन सहित शिक्षा विभाग के आला अधिकारी गण लिए थे एवं इस बार इसी मिशन अव्वल की अव्यावहारिक परीक्षा प्रणाली तथा जिला प्रशासन की ओर से निरंतर किए गए विभिन्न प्रकार के गतिविधियां, कार्यक्रम तथा प्रयोग तथा पढ़ाई का अवसर कम प्रदान करना तथा पढ़ाई से ज्यादा परीक्षा लेने, संस्था प्रमुखों की अत्यधिक बैठकों जैसे अव्यावहारिक एवं अदूरदर्शी प्रयोग के कारण रिजल्ट खराब आने पर सारा दोष प्राचार्य गण एवं विषय शिक्षक गण ऊपर थोपा जा रहा है जिसकी कड़ी निंदा शिक्षक साझा मंच धमतरी एवं प्राचार्य मंच धमतरी के पदाधिकारियों के द्वारा की गई है। शिक्षक साझा मंच तथा प्राचार्य मंच एवं विषय शिक्षक गण ने कहा है कि धमतरी जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता को फिर से उच्च शिखर पर लाने के लिए सबसे पहला कार्य जिले में विभिन्न प्रकार के प्रयोग, नवाचार को एक सिरे से बंद किया जावे तथा विभिन्न एनजीओ की अनावश्यक हस्तक्षेप को तत्काल बंद किया जावे एवं संस्था प्रमुख गण तथा शिक्षक गण को सिर्फ अध्ययन अध्यापन का पर्याप्त अवसर प्रदान किया जावे।पदाधिकारियों ने जिन स्कूलों का रिजल्ट औसत से कम है उन्हें भला बुरा कहते हुए वहां के संस्था प्रमुख और टीचर को दोषी बनाता जा रहा है परंतु जहां का रिजल्ट 100% है क्या वहां के प्राचार्य या शिक्षकों को आउट आफ प्रमोशन दिया जाएगा? पदाधिकारियों ने आगे कहा कि अधिकांशत वरिष्ठ व्याख्याता गण, प्रभारी प्राचार्य के पद का निर्वहन कर रहे हैं एवं अपने प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ शैक्षणिक दायित्व के रूप में दो से चार कालखंड का अध्यापन कराते हैं। विभिन्न जिम्मेदारियों का निष्ठा पूर्वक एवं ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करते हैं। उसके बाद में भी सारा दोष संस्था प्रमुख एवं शिक्षक गण पर मढ़े जाने से वह क्षुब्ध हैं और शिक्षक साझा मंच तथा प्राचार्य मंच के द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि समस्त प्रभारी प्राचार्य गण सामूहिक रूप से प्रभारी प्राचार्य के पद से इस्तीफा देंगे एवं इसके लिए विधिवत रूप से कार्यालय में सामूहिक रूप से ज्ञापन दिया जावेगा।ख़राब रिजल्ट वाले विद्यालय के संस्था प्रमुख एवं विषय शिक्षकों का वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने, वेतन रोकने जैसे कार्यवाही करने की धमकी से संस्था प्रमुख एवं विषय शिक्षक दहशत मे है। इस प्रकार की कार्यवाही का शिक्षक साझा मंच एवं प्राचार्य मंच धमतरी पुरजोर विरोध करेगा। जरूरत पड़ी तो उनके कार्यालय का घेराव एवं धरना प्रदर्शन हेतु बाध्य होगा जिसकी संपूर्ण जवाबदारी संयुक्त संचालक की होगी।
*समस्त जिला एवं तहसील पदाधिकारी गण*
*शिक्षक साझा मंच धमतरी एवं प्राचार्य मंच धमतरी*

