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छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा ने माँगा अलग आदिवासी धर्म कालम

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 

गोंडवाना गोंड महासभा ने रायपुर में वार्षिक अधिवेशन में गोंड समाज सहित समस्त आदिवासी समाज के लिए अलग धार्मिक पहचान के लिए जनगणना फ़ार्म में अलग “आदिवासी धर्म” कालम के लिए सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित किया.
धर्मान्तरण के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई. सुमेर सिंह नाग ने अति पिछड़े आदिवासियों की बेहतर स्वास्थ्य सेवा और गुणवत्ता युक्त शिक्षा तक पहुँच नहीं होने को धर्मान्तरण का मुख्य कारण बताया. समाज को सेवा सेवा बोलने के साथ साथ गरीब आदिवासियों की सेवा करने की आवश्यकता है.
शुशीला नेताम ने धर्मांतरण रोकने में महिलाओं के अहम भूमिका को रेखांकित किया और अपने नेग नियम को बनाए रखने का आव्हान किया.
लोकेश्वरी नेताम ने विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र के आगामी परिसीमन में समाज को चौकन्ना रहने की आवश्यकता जताई ताकि आदिवासियों के हक़ और हिस्सा कम न हो.
जीवराखन लाल मरई ने पाठशालाओं के युक्तियुक्त कर्ण के मामले को जोरदार तरीके उठाया और जनजाति कर्मचारी संघ के आगामी ११ जून के आन्दोलन में इस मूद्दे को भी मांग पात्र में रखने का आग्रह किया.
अंजोर सिंह सिदार कवर्धा ने आदिवासियों के लिए पृथक धार्मिक पहचान की आवश्यकता पर जोर दिया
सी.आर. राज कवर्धा ने वर्तमान कार्यकारिणी के कार्यकाल को छः महीने तक बढ़ाते हुए दो फाड़ हुए संगठन को एकीकरण के लिए प्रयास करने का सुझाव दिया.
इंदरमन प्रसाद मरकाम ने दो धडों में बटे संगठन को एक करने का पहल करने का प्रस्ताव रखा और वर्तमान कार्यकारिणी को ही अगले कार्यकाल तीन वर्ष तक कार्य करने का प्रस्ताव रखा जो सर्व सम्मति से पारित हो गया.

रमेशचंद्र श्याम ने आदिवासियों के जमीन जायदाद को बचने का मुद्दा उठाया . गैर आदिवासियों द्वारा प्रशासनिक मिलीभगत से पांचवी अनुसूचित क्षेत्र में लीज के माध्यम से तथा सामान्य क्षेत्र में बेनामी लेनदेन के माध्यम से लुटी जा रही है. इसके रोकथाम के लिए प्रदेश स्तरीय कार्यदल गठित करने का प्रस्ताव रखा.
संगठन के मजबूती के लिए उन्होंने कहा कि हालात अभी बदल गए हैं, संगठन के जो अगुआ लोग राजनीति में आगे बढ़ गए हैं उन्हें छोड़कर सामाजिक लोगों को एक हो जाना चाहिए. इसके सकारात्मक पहल और इमानदार प्रयास के लिए एक कमिटी का प्रस्ताव रखा और कमिटी के लिए वरिष्ठ जनो … राजा यशवंत राज सिंह, ठाकुर बरन सिंह और ननकी राम सिदार सहित और वरिष्ठ लोगों के नाम सुझाया.
आगे उन्होंने तारापुर, रायगढ़ के राजा यशवंत राज सिंह और पन्झर के दीवान ठाकुर बरन सिंह के उपस्थिति को संगठन के लिए आशीर्वाद मानते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा के संरक्षक बनाये जाने का प्रस्ताव रखा और सभा ने ध्वनि मत से उसे पारित का दिया.
सभा में विनोद नागवंशी, कमलेश ध्रुव महासमुन्द, अवध किशोर नेताम – किरण नेताम मालखरौदा राज, जय सिंह ओट्टी सारंगढ़, भूपेन्द्र मरकाम – डॉ. के आर जगत बिल्हा, बसंत मरकाम देव किरारी ने भी अपने विचार रखे
नव मनोनीत संरक्षक राजा यशवंत राज सिंह ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा : वक्त का तकाजा है … विभिन्न प्रकार के छोटे गोंड … बड़े गोंड … मझले गोंड… के सगा समाज और गोंडों के समाजिक संगठनो को एक हो जाना चाहिए.
धन्यवाद ज्ञापन अकबर राम कोर्राम ने किया.
मंच का सफल सञ्चालन जयपाल सिंह ठाकुर और तरुण नेताम ने किया.