शाला प्रवेश उत्सव : जागृति पब्लिक स्कूल साल्हे टेकाडोढा व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक: संस्थापक जिवराखन लाल उसारे
जागृति पब्लिक स्कूल साल्हे टेकाडोढा स्कूल में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में शामिल होकर शिक्षक, विद्यार्थी एवं पालकों को दिया प्रेरणास्पद संदेश
शिक्षा सत्र के पहले दिन आज हुआ शाला प्रवेशोत्सव का आगाज, नव प्रवेशी विद्यार्थियों का किया गया स्वागत एवं आत्मीय अभिनंदन जिवराखन उसारे ने कहा कि विकास का दरवाजा शिक्षा से प्रारंभ होता है और व्यक्ति के सर्वांगीण विकास हेतु शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। जागृति पब्लिक स्कूल के संस्थापक ने सत्र के पहले दिन आज कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम साल्हे टेकाडोढा स्कूल में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहा था। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा के महत्व के संबंध में विस्तार से प्रकाश डालते हुए शिक्षक, विद्यार्थी एवं पालकों को सारगर्भित, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणास्पद संदेश दिया। शिक्षक-शिक्षिका, विद्यार्थी एवं पालकों सहित ग्रामीणजन उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि शिक्षा सत्र के पहले दिन आज जिले के जागृति पब्लिक स्कूल में शाला प्रवेशोत्सव के दौरान कक्षा नर्सरी से, कक्षा छठवीं तक प्रवेशित विद्यार्थियों का विद्यालय में पहुँचने पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस दौरान स्कुल एवं अन्य अतिथियों के द्वारा नव प्रवेशित विद्यार्थियों को तिलक लगाकर एवं उनका मुँह मीठा करा कर तथा उन्हें पाठ्य पुस्तक प्रदान कर शाला में प्रवेश के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई।
इस अवसर पर शाला के संस्थापक ने विद्यार्थियों को विद्यार्थी जीवन तथा शिक्षा के महत्व एवं उद्देश्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी जिवराखन लाल उसारे ने कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण कालखंड होता है। उन्होंने विद्यार्थियांे को इस बहुमूल्य कालखण्ड के प्रत्येक क्षणों का सदुपयोग करते हुए जीवन में असीम उपलब्धि हासिल कर राष्ट्र व समाज के विकास में अपनी बहुमूल्य भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। संयोजक ने कहा कि दुनिया में कोई काम असंभव नही है बस आवश्यकता है दृढ़ इच्छा शक्ति एवं लक्ष्य के प्रति समर्पण की। जिवराखन लाल उसारे ने विद्यार्थियों को कठिन परिश्रम एवं पूरे मनोयोग के साथ विद्या अध्ययन करते समय सदैव लक्ष्य के ऊपर ध्यान केन्द्रित करने को कहा। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को नशापान के दुष्प्रभावों के संबंध में जानकारी देते हुए उन्हें नशापान से आजीवन दूर रहने की समझाईश दी। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विद्यालय परिसर के 100 मीटर के दायरे में मादक पदार्थों की बिक्री एवं उपलब्धता पर पूर्णतः प्रतिबंध सुनिश्चित कराने जरूरी उपाय करने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने वर्तमान में तेजी से घटते भूजल स्तर एवं पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पेड़-पौधों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए जिले के सभी नागरिकों के अलावा विद्यार्थियों को भी ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत अनिवार्य रूप से पौधरोपण करने को कहा। उन्होंने कहा कि हम सभी को अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण कर उनके सुरक्षा के भी पुख्ता उपाय सुनिश्चित करना चाहिए।
जिवराखन लाल उसारे ने आज 16 जून को आयोजित शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शिक्षा जगत से जुड़े लोगों की उपस्थिति पर भी सराहना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आप लोगों की उपस्थिति शिक्षा के प्रति जागरूकता, लगाव एवं समर्पण को प्रदर्शित करता है। कलेक्टर मिश्रा ने विद्यार्थियों को समझाईश देते हुए कहा कि परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न हो आदमी को हिम्मत नही हारना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थी एवं शाला के विकास के लिए हर संभव मदद उपलब्ध कराने की बात भी कही इस अवसर पर जागृति पब्लिक स्कूल के संस्थापक जिवराखन लाल उसारे दयाबंती कोरेटी एवं सभी शिक्षक कैशर शेख राजेश गावड़े एवं जागृति पब्लिक स्कूल के सभी शिक्षक उपस्थित थे

