गोंड मामा और जायसवाल भांचा ने आखिरकार समाज का सम्मान किया और आदिवासी जमीन खरीद फरोख्त का विचार त्यागा
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
मुंगेली जिला के लोरमी तहसील के ग्राम बिज्राकापा के खडानन ध्रुव (छेदैहा) अपने भूमि को बैगाकापा के भोला जायसवाल को बेचना चाह रहे थे. ये आपस में मितनहा मामा भांचा हैं. क्षेत्र के “ आदिवासी जमीन बचाओ अभियान “ के युवा साथियों ने इसे संज्ञान में लिया. लोरमी क्षेत्र के समर्पित साथियों के निःस्वार्थ किन्तु सोद्देश्य पहल को बिलासपुर के साथियों हाथों हाथ लिया और लालपुर-थाना तहसील में आपत्ति दर्ज किया.
खडानान ध्रुव जी से उनके घर जाकर स्थित की जानकारी ली गयी और उन्हें तथा गैर आदिवासी क्रेता को समझाया गया. आदिवासियों को सरकार द्वारा उनके पक्ष तथा हित में बनाये गए कानून का सम्मान करें. उन्हें दो विकल्प सुझाए गए… एक खडानन जी जमीन अपने पास ही रखें और जायसवाल जी को आदिवासी जमीन में लगाये गए वाजिब राशि किस्तों में लौटा दें. दूसरा यदि जमीन बेचना ही है तो किसी आदिवासी क्रेता को ही बेचें.
16 जुलाई की तीसरी पेशी में खडानन जी ने पहला विकल्प अपनाया और गैर आदिवासी को भूमि बेचने की अनुमति का आवेदन लिखित रूप में वापस ले लिया. sa
इस अभियान / पेशी में घनघोर बारिश के बावजूद भी बिलासपुर से रमेश चन्द्र श्याम प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा के साथ रहे समय सिंह गोंड कार्यकारी जिला अध्यक्ष और अनिल ध्रुव प्रदेश संयोजक आदिवासी स्टूडेंट यूनियन एवं जगदीश प्रसाद सिदार, शिव चरण जगत कोषाध्यक्ष, घनश्याम खुशरो सचिव सीपत परिक्षेत्र. लोरमी क्षेत्र से अभियान में विशेष भूमिका में रहे प्रकाश मरकाम और विनोद ध्रुव (मरकाम).
श्री रवि मरकाम और छेदीलाल नेताम जी के नैतिक समर्थन कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाये रखा.
रमेशचंद्र श्याम

