भोजली महोत्सव का आयोजन किया गया था, जो विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर मनाया गया
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज भोजली महोत्सव का आयोजन किया गया था, जो विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर मनाया जाता है। यह आयोजन बूढ़ातालाब स्थित इंडोर स्टेडियम में हुआ था, जहां छत्तीसगढ़ समेत दस राज्यों के आदिवासी समाज के लोग जुटे थे। इस महोत्सव में आदिवासी समुदाय के लोग अपनी संस्कृति और परंपरा का प्रदर्शन करते हैं।
*भोजली महोत्सव की विशेषताएं:*
– *आदिवासी संस्कृति का प्रदर्शन*: इस महोत्सव में आदिवासी समुदाय के लोग अपनी पारंपरिक संस्कृति और परंपरा का प्रदर्शन करते हैं।
– *भोजली माता की पूजा*: आदिवासी समुदाय के लोग भोजली माता की पूजा करते हैं और उनकी सेवा करते हैं।
– *विश्व आदिवासी दिवस*: यह आयोजन विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर किया जाता है, जो आदिवासी समुदाय के अधिकारों और उनकी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है।
*कार्यक्रम के दौरान की गतिविधियां:*
– आदिवासी समाज के लोगों ने गुरु दादा और गुरु माता को मंच पर सम्मान देकर उनका आशीर्वाद लिया।
– आदिवासी समुदाय के पदाधिकारियों ने खुमरी पहनाकर महिला और पुरुष भोजली लेकर पहुंचे।
– महोत्सव के आयोजन के बाद भोजली माता को बूढ़ा तालाब में विसर्जित किया जाता है। गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति के तत्वाधान में आयोजित किया गया

