हिमाचल प्रदेश में भू-संकलन और भूस्खलन की घटनाएं लगातार हो रही हैं,
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज हिमाचल प्रदेश में भू-संकलन और भूस्खलन की घटनाएं लगातार हो रही हैं, जिससे जान-माल की क्षति हो रही है। हाल ही में रामपुर में बादल फटने से भारी तबाही हुई है, जिसमें कई घरों और सड़कों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, मंडी-कुल्लू के दरकते पहाड़ों से उठती आह और किन्नौर में किन्नर कैलाश यात्रा पर रोक लगाई गई है।
भू-संकलन और भूस्खलन के कारण:
– भारी बारिश और मानसून की गतिविधियां
– पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और भू-स्खलन की संभावना अधिक
सरकारी प्रयास:
– हिमाचल प्रदेश सरकार ने भू-मालिकों के आधार को जमीन रिकॉर्ड से जोड़ने का अभियान शुरू किया है
– भूमि रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है
प्रभावित क्षेत्र:
शिमला, मंडी, कुल्लू, किन्नौर और अन्य जिले
-इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और राहत कैंपों में रखा जा रहा है
*नुकसान:*
– जान-माल की क्षति
– सड़कों और घरों को नुकसान
– बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित केहळूर हिमकुलप फाउंडेशन की तरफ sacaner जारी किया है साहयता एवं आर्थिक सहयोग के लिए donation की appel भी करनी है!

