छत्तीसगढ़ सरकार

सत्ता और संगठन में यादव समाज की उपेक्षा का आरोप, जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से नाराजगी राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर रखेंगे बात – रमेश यदु

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 

रायपुर।
सर्व यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु ने प्रदेश में सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर यादव समाज की लगातार उपेक्षा किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में यादव समाज जनसंख्या के हिसाब से प्रदेश में दूसरे नंबर पर है, इसके बावजूद सत्ता और संगठन में समाज को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं दिया जा रहा है, जिससे पूरे समाज में गहरी नाराजगी और आक्रोश का माहौल बन रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु ने कहा कि वर्तमान सरकार में यादव समाज को सत्ता में केवल एक मंत्री के रूप में सीमित प्रतिनिधित्व मिला है, जबकि समाज की जनसंख्या और राजनीतिक योगदान को देखते हुए यह अत्यंत कम है। इसी तरह संगठनात्मक ढांचे में भी समाज की अनदेखी की गई है। हाल ही में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के साथ-साथ युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और जिला स्तर के पदाधिकारियों की घोषणा की गई, लेकिन इनमें भी यादव समाज को जनसंख्या के अनुपात में स्थान नहीं दिया गया।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में उपलब्ध क्वांटीफायबल डेटा के अनुसार यादव समाज की आबादी छत्तीसगढ़ में दूसरे स्थान पर है। इसके बावजूद बार-बार समाज की उपेक्षा होना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह समाज के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला भी है। रमेश यदु ने कहा कि लगातार अवसरों से वंचित किए जाने के कारण समाज के लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि यदि पूरे प्रदेश के जिलों और मंडलों का आकलन किया जाए, तो यह स्पष्ट होता है कि यादव समाज की लगभग 70 प्रतिशत आबादी भाजपा और उससे जुड़े विभिन्न संगठनों में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य कर रही है। मतदान के आंकड़ों को देखें तो भी यादव समाज का बड़ा वर्ग भाजपा को समर्थन देता आया है। इसके बावजूद सत्ता और संगठन में लगातार उपेक्षा किए जाने से समाज स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।

रमेश यदु ने संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि जब तक प्रदेश के संगठन महामंत्री पवन साय इस पद पर बने रहेंगे, तब तक यादव समाज के किसी भी व्यक्ति को संगठन या सत्ता में स्थान मिलना मुश्किल है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है मानो यादव समाज के खिलाफ पूर्वाग्रह बना लिया गया हो और समाज के योग्य लोगों को जानबूझकर अवसरों से दूर रखा जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगातार समाज के लोग उनसे संपर्क कर अपनी पीड़ा और भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। समाज संख्या और संगठनात्मक मजबूती के बावजूद जब अवसर नहीं दिए जाते, तो स्वाभाविक रूप से नाराजगी उत्पन्न होती है। यह नाराजगी अब केवल व्यक्तिगत नहीं रह गई है, बल्कि पूरे प्रदेश के यादव समाज में फैल चुकी है।

इन तमाम मुद्दों को गंभीरता से उठाते हुए सर्व यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु ने घोषणा की कि वे जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल के साथ छत्तीसगढ़ के प्रभारी एवं भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नवीन नितिन से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे सत्ता और संगठन में यादव समाज को जनसंख्या और योगदान के अनुरूप सम्मानजनक प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग रखेंगे।

रमेश यदु ने स्पष्ट किया कि यादव समाज टकराव नहीं चाहता, बल्कि सम्मान और न्यायसंगत भागीदारी की अपेक्षा करता है। यदि समय रहते समाज की भावनाओं को नहीं समझा गया, तो इसके दूरगामी राजनीतिक और सामाजिक परिणाम हो सकते हैं।
श्री यदु जी ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री छत्तीसगढ़ में किसान मोर्चा के प्रभारी बजरंगी यादव झारखंड तथा भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ में मंत्री पद पर आसीन शिवनाथ यादव तथा छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री गजेंद्र यादव जी से भी इस संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि आप लोगों के रहते हुए भी समाज में घोर उपेक्षा हो रही है इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या है इससे प्रतीत होता है कि आप लोग संगठन में सामाजिक भावनाओं को बिल्कुल नहीं रख पाते इसीलिए समाज की को उपेक्षा हो रही है