Wednesday, May 20, 2026
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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के साथ पुलिसिया दुर्व्यवहार, सनातन संस्कृति का अपमान: -मनोज सिंह ठाकुर अधिवक्ता

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 

​रायपुर: ज्योतिष्पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज को पुलिस प्रशासन द्वारा रोके जाने और उनके शिष्यों की गिरफ्तारी की घटना पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी मनोज सिंह ठाकुर ने इसे सनातन धर्म की सर्वोच्च पीठ का अपमान बताया है।
​मनोज सिंह ठाकुर ने जारी बयान में कहा कि, “शंकराचार्य जी हिंदू धर्म के सर्वोच्च धर्मगुरु हैं। वे किसी राजनैतिक एजेंडे के लिए नहीं, बल्कि गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने के पवित्र संकल्प के साथ यात्रा कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा उन्हें सड़क पर रोकना और उनके अनुयायियों पर बल प्रयोग करना न केवल अलोकतांत्रिक है, बल्कि करोड़ों सनातनी हिंदुओं की आस्था पर आघात है।”
​प्रमुख मांगें:
​शंकराचार्य जी के मार्ग में उत्पन्न की जा रही सभी प्रशासनिक बाधाओं को तत्काल हटाया जाए।
​गिरफ्तार किए गए निर्दोष शिष्यों को अविलंब रिहा किया जाए।
​इस दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर उचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
​अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने आगे कहा कि “प्रशासन को यह समझना चाहिए कि नियम और कानून व्यवस्था के नाम पर धार्मिक मर्यादाओं को ताक पर नहीं रखा जा सकता। यदि पूज्य शंकराचार्य जी महाराज को सम्मानपूर्वक उनकी यात्रा पूरी करने नहीं दी गई, तो हम विधिक और लोकतांत्रिक रूप से इसके विरुद्ध मुखर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”
​उन्होंने मांग की है कि सरकार इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करे और सुनिश्चित करे कि सनातन धर्म के ध्वजवाहकों को उचित सम्मान और सुरक्षा प्रदान की जाए।

मनोज सिंह ठाकुर (अधिवक्ता)
रायपुर, छत्तीसगढ़
संपर्क: 9425203728